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राम मंदिर फंड में कथित गड़बड़ी मामले में दोषियों को मिलेगी सजा: रामदास अठावले

लखनऊ, 14 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को राम मंदिर फंड में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी), समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
 
राम मंदिर फंड में कथित गड़बड़ी मामले में दोषियों को मिलेगी सजा: रामदास अठावले

लखनऊ, 14 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को राम मंदिर फंड में कथित गड़बड़ी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी), समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

राम मंदिर फंड में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एसआईटी और विपक्ष की ओर से रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग पर अठावले ने कहा कि विपक्ष ऐसी मांगें करता रहता है। एसआईटी का गठन हुआ है और वह इस मामले की छानबीन करेगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सजा मिलेगी।

वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनकी पार्टी सत्ता में भी रही है। मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया और राम मनोहर लोहिया की विचारधारा से उनकी पार्टी आगे चली। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। उनकी बेटी के बारे में अभद्र टिप्पणी करना ठीक नहीं है। ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित राजनीतिक दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर अठावले ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात जनता तक पहुंचाने और चुनाव लड़ने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि हर पार्टी को शंखनाद करने का अधिकार है। वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने हैं। हर दल को अपने उम्मीदवार खड़े करने का अधिकार है। ओवैसी हैदराबाद से लोकसभा सांसद हैं और उनकी अपनी पार्टी है। उन्हें उम्मीदवार उतारने और प्रचार करने का पूरा अधिकार है। इसलिए उनका उत्तर प्रदेश आना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

--आईएएनएस

पीएसके