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चढ़ावा मामले में बड़ी मछलियों पर भी कार्रवाई हो, यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सवाल : मौलाना रशीदी

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले, ईरान के साथ भारत के संबंध, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की मांग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद और अन्य समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए और बड़े आरोपियों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए।
 

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले, ईरान के साथ भारत के संबंध, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की मांग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद और अन्य समसामयिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए और बड़े आरोपियों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कुछ संतों ने प्रेस वार्ता कर कहा है कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को फंसाया गया है और उनका इस्तीफा नहीं होना चाहिए। इस पर मौलाना साजिद रशीदी ने आईएएनएस से बात करते हुए सवाल किया, "पहले इस्तीफा दिया गया है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अब तक जनता के सामने उनका इस्तीफा नहीं आया है। अगर उन्होंने इस्तीफा दिया है तो उसे दिखाया जाए।"

उन्होंने कहा, "किसी भी संस्था में कोई बड़ी घटना होने पर उसकी जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व पर भी आती है। अगर किसी घर में कोई घटना होती है तो सबसे पहले घर के मुखिया पर सवाल उठते हैं। चंपत राय ट्रस्ट के प्रमुख पद पर हैं, इसलिए उन पर भी सवाल उठेंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए कि बड़ी मछलियों को बचाने के लिए केवल छोटे लोगों की गिरफ्तारी कर दी जाए।"

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए रशीदी ने कहा, "भारत को अपने शीर्ष स्तर का प्रतिनिधित्व वहां भेजना चाहिए था। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से अच्छे रहे हैं। ईरान ने कठिन परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद भारत को तेल उपलब्ध कराया और भारतीय मुद्रा में भुगतान की सुविधा भी दी। ऐसे देश के साथ हमारे संबंध और मजबूत होने चाहिए।"

उन्होंने कहा कि खाड़ी और अन्य मुस्लिम देशों के साथ भारत के आर्थिक और ऊर्जा संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, जो लोग मुसलमानों के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, उन्हें यह भी समझना चाहिए कि भारत की ऊर्जा जरूरतों में अरब देशों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरकार से समाज में नफरत फैलाने वाले बयानों पर कार्रवाई की भी मांग की।

विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा विपक्षी नेताओं अरविंद केजरीवाल और प्रियंका गांधी के बयान दर्ज कराने की मांग पर रशीदी ने कहा कि राजनीतिक बयानों को बिना किसी ठोस आधार के आपराधिक कार्रवाई का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हर राजनीतिक बयान पर इसी तरह कार्रवाई होने लगेगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई भी अपनी बात खुलकर नहीं रख पाएगा।

रशीदी ने यह भी कहा, "विहिप को पहले अपने पुराने वित्तीय मामलों पर जवाब देना चाहिए। रथयात्रा के दौरान कथित रूप से हुए आर्थिक लेनदेन का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से भी चढ़ावा चोरी मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया देने की अपील की। यह केवल धन का नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था का विषय है।"

मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर कुछ संतों द्वारा कारसेवा के ऐलान पर रशीदी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, "ऐसे मुद्दों पर संवेदनशीलता बरतने की जरूरत है और किसी भी कदम से सामाजिक सौहार्द प्रभावित नहीं होना चाहिए।" उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों के बीच शांति बनाए रखने की अपील की।

पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी नेता कीर्ति आजाद द्वारा मैच के दौरान प्रसारित एडल्ट विज्ञापनों पर जताई गई नाराजगी पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि समय के साथ समाज में कई बदलाव आए हैं और इस तरह के मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम