Aapka Rajasthan

राम मंदिर दान घोटाला करोड़ों लोगों की भावनाओं पर आघात, सीबीआई जांच हो: आचार्य प्रमोद कृष्णम

गाजियाबाद, 27 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर दान में कथित चोरी के मामले को लेकर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर और धार्मिक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है। सीबीआई ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यह मामला करोड़ों राम भक्तों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी तह तक जाकर सच्चाई सामने लाना बेहद आवश्यक है।
 

गाजियाबाद, 27 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर दान में कथित चोरी के मामले को लेकर कल्कि धाम के पीठाधीश्‍वर और धार्मिक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है। सीबीआई ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यह मामला करोड़ों राम भक्तों की आस्था, श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी तह तक जाकर सच्चाई सामने लाना बेहद आवश्यक है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि राम मंदिर से जुड़ा यह विवाद केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं पर आघात है। करोड़ों लोगों की आस्था, करोड़ों लोगों की भावना और करोड़ों लोगों का विश्वास भगवान श्रीराम से जुड़ा हुआ है। यदि दान राशि में किसी प्रकार का घोटाला या चोरी हुई है तो यह घोर पाप है। इसलिए देश की जनता चाहती है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस कथित घोटाले में शामिल लोगों की मदद किसने की, धनराशि कहां गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, जैसे कई प्रश्न आज भी राम भक्तों के मन में उठ रहे हैं। इन सभी सवालों का जवाब तभी मिल सकता है जब जांच किसी ऐसी एजेंसी को सौंपी जाए, जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संबंध में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट के सभी सदस्यों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने-अपने पदों से हट जाना चाहिए। यदि केवल कुछ लोगों को दोषी ठहराया जाता है और कुछ को क्लीन चिट दे दी जाती है, तो इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। पूरे ट्रस्ट को जांच पूरी होने तक नैतिक आधार पर अलग हो जाना चाहिए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों को विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते राम मंदिर से जुड़े किसी भी कथित घोटाले में दोषी व्यक्ति बच नहीं सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए जाएं।

वहीं, विपक्षी दलों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि समाजवारी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का राम मंदिर की आस्था से कोई संबंध नहीं रहा है। विपक्ष हमेशा राम मंदिर के विरोध में रहा है। विपक्ष को एक राजनीतिक मुद्दा मिल गया है। विपक्ष को नया मुद्दा न मिले, इसके लिए भी आवश्यक है कि ट्रस्ट के सभी सदस्य त्यागपत्र दें और जांच सीबीआई को सौंप दी जाए, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और विश्वसनीय जांच हो सके।

--आईएएनएस

पीएसके