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राम मंदिर चंदा विवाद पर राजेश ठाकुर बोले, पहले चोरी कराई फिर पर्दा डालने के लिए बनाई कमेटी

रांची, 21 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने रविवार को कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने योग दिवस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान, पश्चिम बंगाल की राजनीति, राम मंदिर चंदा विवाद, शिवसेना में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और समाजवादी पार्टी को लेकर ओपी राजभर की ओर से किए जा रहे दावों पर भाजपा और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।
 
राम मंदिर चंदा विवाद पर राजेश ठाकुर बोले, पहले चोरी कराई फिर पर्दा डालने के लिए बनाई कमेटी

रांची, 21 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश ठाकुर ने रविवार को कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने योग दिवस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान, पश्चिम बंगाल की राजनीति, राम मंदिर चंदा विवाद, शिवसेना में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और समाजवादी पार्टी को लेकर ओपी राजभर की ओर से किए जा रहे दावों पर भाजपा और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा योग को दुनिया को जोड़ने वाली शक्ति बताए जाने पर राजेश ठाकुर ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है और इसे किसी एक व्यक्ति या सरकार की उपलब्धि नहीं बताया जा सकता। उन्होंने कहा कि योग करीब 5 हजार वर्षों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है और अलग-अलग समय पर विभिन्न संतों, विचारकों और संस्थाओं ने इसके प्रचार-प्रसार में योगदान दिया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर मुद्दे को राजनीतिक लाभ के नजरिए से देखते हैं और योग दिवस जैसे अवसरों पर भी राजनीति करने से नहीं चूकते।

कांग्रेस नेता ने कहा कि योग निश्चित रूप से लोगों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है और हर नागरिक को इसे अपनाना चाहिए, लेकिन केवल योग से ही लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों को स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक भोजन और बेहतर जीवन-स्तर की भी आवश्यकता होती है।

प्रधानमंत्री के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने योग को दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी बताया था, राजेश ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री बड़े-बड़े मुद्दों पर बातें करते हैं, लेकिन देश के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आम लोगों की परेशानियों जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। ठाकुर ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और ऐसे समय में केवल प्रेरणात्मक भाषण पर्याप्त नहीं हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार को देश के अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भी समान गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से मणिपुर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हुई घटनाओं और सामाजिक तनाव पर भी प्रधानमंत्री को खुलकर बोलना चाहिए। ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ वाले मुद्दों को अधिक प्रमुखता देती है, जबकि अन्य महत्वपूर्ण विषयों को अपेक्षित महत्व नहीं मिलता।

पीएम मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया पर सामने आई बहस पर राजेश ठाकुर ने कहा कि इसे अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों नेता मूल रूप से एक ही बात अलग-अलग अंदाज में कह रहे हैं और इसे पार्टी के भीतर मतभेद के रूप में प्रस्तुत करना मीडिया का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के विचारों में कोई बुनियादी विरोधाभास नहीं है।

राम मंदिर चंदा विवाद से जुड़े सवाल पर राजेश ठाकुर ने कहा कि यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। पहले वोट चोरी, फिर विधायक चोरी, फिर सांसद चोरी... और अब भगवान राम के नाम पर दिए गए चंदे की चोरी। भाजपा में चोरों का ऐसा जमावड़ा है कि भगवान राम का चंदा भी उनकी नजर से बच नहीं पाया। सिर्फ चंदा ही नहीं, राम मंदिर से सोने की ईंटें गायब होने की खबरें आ रही हैं। हीरे-जेवरात के गायब होने की भी चर्चा है। इतनी बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग अब चोरी पर पर्दा डालने के लिए कमेटी और एसआईटी का सहारा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गोबर में पैसे छुपाने और फिर उसी गोबर को माथे पर लगाने वाली मानसिकता अब सामने आ चुकी है। यह झूठी कवायद जनता को बेवकूफ बनाने के अलावा और कुछ नहीं है। राम के नाम पर हुए इस घोटाले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चतम स्तर की जांच होनी चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक ही शिवसेना है, इस पर राजेश ठाकुर ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में जो परिस्थितियां बनीं, उनमें भाजपा की भूमिका रही है। ठाकुर ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कई नेताओं को राजनीतिक पहचान मिली और बाद में उन्हीं नेताओं ने अलग रास्ता अपनाया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र की जनता राजनीतिक घटनाक्रम को समझ रही है और भविष्य में इसका जवाब देगी।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के पद छोड़ने और पार्टी नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने संबंधी दावे पर राजेश ठाकुर ने कहा कि ऐसे बयान राजनीतिक उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश राजभर के बयान को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दलों की बढ़ती एकजुटता और इंडिया गठबंधन की मजबूती से भाजपा समर्थक नेताओं में बेचैनी है।

ठाकुर ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है और इसी वजह से इस प्रकार के राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी