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राम मंदिर चंदा चोरी मामले की स्वतंत्र जांच हो, सपा मुस्लिम सीएम फेस घोषित करे: मौलाना साजिद रशीदी

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अयोध्या राम मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ते हुए समाजवादी पार्टी से मुस्लिम मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने की अपील की। वहीं, मुहर्रम के ताजियों की नाप-जोख को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
 

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अयोध्या राम मंदिर में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ते हुए समाजवादी पार्टी से मुस्लिम मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने की अपील की। वहीं, मुहर्रम के ताजियों की नाप-जोख को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि धार्मिक स्थल से जुड़ी किसी भी प्रकार की चोरी या वित्तीय अनियमितता करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए। रशीदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की देखरेख में हुआ है, उसकी जांच मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के स्तर पर कराए जाने को लेकर निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसी को पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए ताकि जनता के बीच किसी प्रकार का संदेह न रहे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय बड़े और प्रभावशाली नामों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

ट्रस्ट से जुड़े एक व्यक्ति के ड्राइवर द्वारा कथित रूप से करोड़ों रुपए की संपत्ति खरीदने के मामले पर मौलाना रशीदी ने कहा कि यदि कोई सामान्य वेतन पाने वाला व्यक्ति करोड़ों रुपए की संपत्ति खरीदता है तो उसके आय स्रोतों की जांच होना स्वाभाविक है। इस प्रकार के मामलों में वित्तीय लेन-देन, संपत्ति खरीद और धन के स्रोतों की स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए ताकि जनता के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए जांच में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि उन्होंने एक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत धर्मनिरपेक्ष दलों से मुस्लिम समुदाय को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुस्लिम आबादी का बड़ा हिस्सा होने के बावजूद अब तक किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनने का अवसर नहीं मिला। रशीदी ने समाजवादी पार्टी से मांग करते हुए कहा कि यदि पार्टी वास्तव में मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करना चाहती है तो उसे किसी मुस्लिम चेहरे को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री का नाम सुझाते हुए कहा कि वे लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जा सकता है। ऐसा होने पर मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में समर्थन दे सकते हैं।

मुहर्रम के दौरान ताजियों की ऊंचाई और आकार की पुलिस द्वारा की जा रही नाप-जोख पर भी मौलाना रशीदी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुहर्रम का जुलूस शोक और मातम की परंपरा से जुड़ा हुआ है और इसमें दिखाए जाने वाले पारंपरिक करतब वर्षों से धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहे हैं। प्रशासन पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, ऐसे में बार-बार माप लेने जैसी गतिविधियों की आवश्यकता समझ से परे है। कुछ अधिकारी अनावश्यक विवाद पैदा कर मीडिया का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करते हैं।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी