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राम मंदिर चढ़ावा विवाद : महंत संजय दास को एसआईटी पर भरोसा, अभिषेक दास ने उठाया हनुमान प्रतिमा का मुद्दा

अयोध्या, 20 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर दान मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि एसआईटी जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। इस पर सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी संजय दास जी महाराज ने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
 
राम मंदिर चढ़ावा विवाद : महंत संजय दास को एसआईटी पर भरोसा, अभिषेक दास ने उठाया हनुमान प्रतिमा का मुद्दा

अयोध्या, 20 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने श्रीराम मंदिर दान मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्‍होंने कहा है कि एसआईटी जांच में सच्‍चाई सामने आ जाएगी। इस पर सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञान दास जी महाराज के उत्तराधिकारी संजय दास जी महाराज ने एसआईटी जांच पर भरोसा जताते हुए कहा है कि दोषियों पर सख्‍त कार्रवाई होगी।

स्वामी संजय दास कहते हैं, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी मंदिर का दौरा किया। एक एसआईटी का गठन किया गया है और जांच प्रक्रिया चल रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या कोई आम नागरिक ही क्यों न हो। चढ़ावे की राशि में चोरी करने वाले व्‍यक्ति पर जरूर कार्रवाई होगी और वह सलाखों के पीछे होगा।

उन्‍होंने कहा कि इस प्रकरण में गलत बयानबाजी करने वाले शब्‍दों पर विराम लगाएं, क्‍योंकि एसआईटी की जांच में सच्‍चाई सबके सामने आ जाएगी। इस मामले में किसी को बोलने की जरूरत नहीं है।

इसके अलावा, राम मंदिर दान विवाद पर महंत बाबा अभिषेक दास ने बताया कि भगवान राम के साथ रहने वाले हनुमान की मूर्ति जिस दिन गर्भगृह में फिर से स्थापित की जाएगी, पूरी व्यवस्था फिर से ठीक से काम करने लगेगी।

महंत बाबा अभिषेक दास ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान सवाल उठाया कि अयोध्या के सभी महंत, संत और अधिकारी इस बात से परिचित हैं। हनुमान हमेशा भगवान राम के साथ रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि सवाल यह है कि आज हनुमान की मूर्ति कहां चली गई है? अब न तो मूर्ति की पूजा हो रही है और न ही उसकी उचित देखभाल की जा रही है। हनुमान जी को हमेशा भगवान राम के साथ रहना चाहिए। जिस दिन हनुमान जी की मूर्ति को गर्भगृह में फिर से स्थापित किया जाएगा, पूरी व्यवस्था फिर से ठीक से काम करने लगेगी। संतों और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से बहाल हो जाएंगी।

उन्‍होंने कहा कि जब प्रभु श्रीराम टेंट में थे तब भी हनुमान जी साथ में रहते थे। अस्‍थायी व्‍यवस्‍था के दौरान भी हनुमान जी भगवान श्रीराम के साथ ही स्‍थापित रहते थे।

महंत बाबा अभिषेक दास ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मौजूदा विवादों की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए और उन्होंने इन विवादों को मंदिर परिसर से हनुमान जी की मूर्ति हटाए जाने से जोड़ा।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम