राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में एसआईटी जांच समेत कई अहम एजेंडों पर होगी चर्चा : आर.पी. सिंह
नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को होने वाली बैठक को लेकर बताया कि ट्रस्ट की बैठक में कई एजेंडों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें अब तक की व्यवस्थाओं और कार्यों की समीक्षा शामिल है।
आर.पी. सिंह के अनुसार, बैठक में कुछ कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़े विषयों पर भी विचार किया जाएगा, जिसमें एसआईटी जांच का मुद्दा प्रमुख है। इसके अलावा, उन दो ट्रस्टियों के इस्तीफों पर भी चर्चा होगी जिन्होंने हाल ही में अपने पद से त्यागपत्र दिया है। साथ ही, ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरणों की समीक्षा भी बैठक का हिस्सा होगी। आर.पी. सिंह ने उम्मीद जताई कि ट्रस्ट उचित निर्णय लेकर जनता का विश्वास पुनः स्थापित करेगा।
अखिलेश यादव द्वारा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रामलला का दर्शन न करने को लेकर उठाए गए सवाल पर आर.पी. सिंह ने कहा, "मैं अपेक्षा करता हूं कि आप जरूर दर्शन करें। आपको तो जब स्थापना हुई थी तब भी बुलाया गया था। आप तब भी नहीं गए और आपके नेता भी वहां नहीं जा रहे, तो आपको दूसरों पर प्रश्न उठाने का कोई अधिकार ही नहीं है। हम सब की राम की आस्था पर आपका प्रश्न उठाना जायज नहीं है।"
पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि यह कदम सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में है, विशेष रूप से महिलाओं के लिए। उन्होंने कहा कि इससे खासकर मुस्लिम महिलाओं को भी समान अधिकार और सुरक्षा मिलेगी, जो एक सकारात्मक पहल है।
पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का रुख साफ है और किसी भी प्रकार का गठबंधन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और इसी दिशा में संगठन कार्य कर रहा है।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश में पहली बार वक्फ बोर्ड हिंदू सदस्य को शामिल किए जाने के फैसले को लेकर आर.पी. सिंह ने कहा कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का सही उपयोग समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए हो। इसमें गरीब मुसलमानों, विधवाओं, बच्चों और अनाथों की शिक्षा और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस पहल का स्वागत किया और इसे सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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