Aapka Rajasthan

रक्षा मंत्रालय का स्वच्छता अभियान, बेकार कमरे का कायाकल्प कर बनाई लाइब्रेरी

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय के एक बेकार पड़े कमरे को अब हिंदी पुस्तकालय में बदल दिया गया है। सेना भवन में यह कक्ष अनुपयोगी सामान से भरा पड़ा था। इस कमरे का पूरी तरह कायाकल्प किया गया। कायाकल्प के उपरांत इसे मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए उपयोगी बनाया गया है।
 

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय के एक बेकार पड़े कमरे को अब हिंदी पुस्तकालय में बदल दिया गया है। सेना भवन में यह कक्ष अनुपयोगी सामान से भरा पड़ा था। इस कमरे का पूरी तरह कायाकल्प किया गया। कायाकल्प के उपरांत इसे मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए उपयोगी बनाया गया है।

गुरुवार को रक्षा सचिव आरके सिंह ने इस हिंदी पुस्तकालय का उद्घाटन किया। रक्षा सचिव ने इस विशेष अवसर पर स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले 'स्वच्छता वीरों' को सम्मानित भी किया।

दरअसल, रक्षा मंत्रालय में स्वच्छता अभियान का यह छठा चरण चल रहा है। इसके तहत देशभर में मंत्रालय के कार्यालयों के साथ-साथ सैन्य छावनियों में भी सफाई और अनुपयोगी सामान के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सेना भवन में लंबे समय से बेकार पड़े कमरे को नया रूप दिया गया। पहले इस कमरे में काफी बेकार सामान जमा था और इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा था। अब इसे हिंदी पुस्तकालय के रूप में तैयार किया गया है।

रक्षा सचिव के मुताबिक, अब मंत्रालय के कर्मचारी यहां पढ़ सकेंगे। रक्षा सचिव आरके सिंह ने बताया कि स्वच्छता अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है। इसके तहत पुराने और अनुपयोगी सामान का निस्तारण, पुरानी फाइलों की छंटाई और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को हटाने जैसे काम भी किए जा रहे हैं। इससे कार्यालयों में जगह खाली हो रही है और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव हो रहा है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में कबाड़ भी बेचा गया है। इससे अब तक करीब साढ़े चार लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है। मंत्रालय की ओर से पौधारोपण अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके साथ ही छावनियों को भविष्य में शून्य-कचरा क्षेत्र या शून्य-कचरा नगर निकाय बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय का यह अभियान सरकारी परिसरों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ अनुपयोगी स्थानों और संसाधनों को नए काम में लाने पर भी केंद्रित है। सेना भवन में बेकार कमरे को हिंदी पुस्तकालय में बदलना इसी पहल का उदाहरण है।

गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय के सैन्य कार्य विभाग में अनुपयोगी कबाड़ के निपटान से अब तक 50.60 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यहां भी विशेष अभियान 6.0 के तहत सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया है। अभियान के शुरुआती दो सप्ताह में 2.46 लाख से अधिक फाइलों की समीक्षा की गई है। इसके साथ ही देशभर में 3,553 स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और 158 नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल बनाया गया।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके