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रक्षा लेखा विभाग की कई नई पहल, राजनाथ सिंह करेंगे शुरुआत

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय थलसेना वित्तीय सूचना प्रणाली को सक्षम मंच से जोड़ने की शुरुआत करेंगे। इससे दोनों प्रणालियों के बीच वित्तीय जानकारी के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह रक्षा लेखा विभाग की एक पहल है। रक्षा लेखा विभाग एक अक्टूबर को अपना 279वां वार्षिक दिवस मनाएगा।
 

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय थलसेना वित्तीय सूचना प्रणाली को सक्षम मंच से जोड़ने की शुरुआत करेंगे। इससे दोनों प्रणालियों के बीच वित्तीय जानकारी के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह रक्षा लेखा विभाग की एक पहल है। रक्षा लेखा विभाग एक अक्टूबर को अपना 279वां वार्षिक दिवस मनाएगा।

नई दिल्ली के डीआरडीओ भवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान विभाग की ऐसी कई नई डिजिटल पहलों और प्रकाशनों की शुरुआत की जाएगी। इस बार समारोह में रक्षा लेखा विभाग की बदलती कार्यप्रणाली और डिजिटल बदलाव पर खास जोर रहेगा।

गुरुवार को ही रक्षा मंत्रालय के लिए राष्ट्रीय समेकन प्रणाली के नए रूप की भी शुरुआत की जाएगी। साथ ही भुगतान मार्ग एवं एकीकृत प्रणाली प्रबंधन मंच शुरू किया जाएगा। इसके जरिए रक्षा मंत्रालय में कोषागार-एकल खाता भुगतान व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। समारोह में रक्षा मंत्री कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी करेंगे। इनमें रक्षा व्यय पर व्यापक सांख्यिकीय पुस्तिका 2026 शामिल है। इसमें रक्षा क्षेत्र में होने वाले खर्च से जुड़ी महत्वपूर्ण सांख्यिकीय जानकारी होगी।

इसके साथ ही रक्षा लेखा विभाग की हिंदी गृह पत्रिका ‘रक्षा लेखा भारती’ और बाजार आसूचना रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की जाएगी। रक्षा पेंशन की प्रमुख डिजिटल व्यवस्था स्पर्श पर एक लघु फिल्म भी समारोह में जारी की जाएगी। स्पर्श का पूरा नाम पेंशन प्रशासन (रक्षा) है। यह व्यवस्था रक्षा पेंशन से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार समारोह में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान को भी सम्मानित किया जाएगा। रक्षा मंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 उन अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जाएंगे, जिन्होंने रक्षा मंत्रालय और रक्षा लेखा विभाग की महत्वपूर्ण पहलों को लागू करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

दरअसल रक्षा लेखा विभाग का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत 1747 में सैन्य वेतन मास्टर की नियुक्ति से हुई थी। तब से लेकर अब तक रक्षा क्षेत्र की जरूरतों में लगातार बदलाव आया है और रक्षा लेखा विभाग ने भी खुद को उसी के अनुसार विकसित किया है। आज विभाग रक्षा सेवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारियां संभालता है। इनमें आंतरिक लेखा परीक्षा, लेखांकन, वित्तीय सलाह और रक्षा पेंशन प्रबंधन प्रमुख हैं। अब 279वें वार्षिक दिवस के मौके पर शुरू की जा रही नई डिजिटल पहलों से विभाग की वित्तीय और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं को और व्यवस्थित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस