राजनीति नहीं, विकास हमारी प्राथमिकता, अजित पवार ने बताया महाराष्ट्र का डेवलपमेंट मॉडल (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)
मुंबई, 12 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों, पुणे नगर निगम के 2026 के घोषणापत्र, गठबंधन की राजनीति, विकास, भ्रष्टाचार, ठाकरे भाइयों की राजनीति, अल्पसंख्यक और राष्ट्रीय मुद्दों पर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की। यहां पेश हैं बातचीत के खास अंश।
सवाल: आपने हाल ही में पुणे नगर निगम चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया है। इसमें नया क्या है?
जवाब: पुणे के लोगों के लिए हमारी प्राथमिकताएं बिल्कुल साफ हैं। अच्छे रोड, ट्रैफिक से राहत, बेहतर मेडिकल सुविधाएं, खासकर गरीबों के लिए सरकारी अस्पतालों में अच्छी सेवा, प्रदूषण में कमी और साफ-सफाई, यही हमारी असली प्राथमिकता है। बड़े शहरों में प्रदूषण बढ़ने से लोग बीमार हो रहे हैं, इलाज महंगा हो रहा है। इसलिए स्वच्छ हवा, साफ पानी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जरूरी हैं।
सवाल: आप बार-बार विकास की बात कर रहे हैं। आपके पास इसका अनुभव है?
जवाब: बिल्कुल। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम 1992 से 2017 तक 25 साल हमारे पास रहा। वहां विकास करके दिखाया है। उस शहर को देश की बेहतरीन सिटी का अवॉर्ड मिला था। एशिया की सबसे समृद्ध नगर निगमों में उसका नाम था। आज हालत यह है कि वहां 4,000 करोड़ रुपए के बिल बकाया हैं, बॉन्ड निकाले जा रहे हैं, पानी रोज नहीं मिलता, टैंकर माफिया है, सड़कें खराब हैं और काम की क्वालिटी भी खराब है। यही मॉडल अब पुणे में भी दिख रहा है।
सवाल: घोषणापत्र में फ्री मेट्रो और फ्री बस की बात है, सरकार में ही कुछ नेता इसका विरोध कर रहे हैं?
जवाब: यह लोकल बॉडी का मुद्दा है। मैंने 25 साल का अनुभव लगाया है। स्टडी करके बताया है कि इससे प्रदूषण कम होगा, ट्रैफिक की समस्या घटेगी। अगर नगर निगम के पास पैसे आए तो यह संभव है।
सवाल: आपने टेंडर और भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए हैं?
जवाब: हां। टेंडर में पहले से तय किया जाता है कि काम किसे देना है। उसी हिसाब से प्री-क्वालिफिकेशन की शर्तें बनाई जाती हैं। नतीजन काम की गुणवत्ता गिरती है और शहर पीछे चला जाता है। मुझे चुनाव में इसी मुद्दे पर फोकस करना है—भ्रष्टाचार खत्म करना और असली विकास।
सवाल: नगर निगम चुनाव में आपने महायुति (भाजपा-शिवसेना शिंदे गुट) से अलग लड़ने का फैसला क्यों किया?
जवाब: यह कोई नई बात नहीं है। 1999 से 2014 तक कांग्रेस-एनसीपी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़े, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग लड़े। लोकल चुनाव में कार्यकर्ताओं को लगता है कि उन्हें मौका मिलना चाहिए। यह पूरी तरह व्यावहारिक फैसला है।
सवाल: फिर एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ गठबंधन क्यों किया?
जवाब: वोटों का बंटवारा रोकना जरूरी था। कार्यकर्ताओं की भी यही मांग थी कि गठबंधन करें, ताकि रिजल्ट बेहतर आए। हमारी पहली प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना और नगर निगम को सही दिशा में ले जाना है।
सवाल: भविष्य में एनसीपी (शरद पवार गुट) के साथ बड़े स्तर पर गठबंधन या विलय की संभावना है?
जवाब: अभी हमारा पूरा फोकस आने वाले चुनावों पर है। पहले चुनाव, फिर आगे की राजनीति।
सवाल: आपने कहा था कि नेताओं को लालच या दबाव देकर पार्टी बदलवाई जा रही है। इशारा किसकी ओर था?
जवाब: चुनाव के समय कई पार्टियां ऐसा करती हैं। मीडिया का काम है यह देखना कि कौन कर रहा है। मैं जो देखता हूं, वही बोलता हूं। महाराष्ट्र जानता है कि मैं खुलकर बोलता हूं।
सवाल: ठाकरे भाइयों के साथ आने से क्या मराठी वोट एकजुट होगा?
जवाब: अगर वे साथ आते हैं तो वोटों का बंटवारा नहीं होगा, इससे उन्हें फायदा होगा, यह सच है। लेकिन इसका असर कितना होगा, यह वोटर तय करेगा। हर चुनाव में मतदाता अलग सोचता है। लोकसभा में नतीजे कुछ और थे, विधानसभा में कुछ और। लोकल बॉडी चुनाव में सोच फिर अलग होती है।
सवाल: अल्पसंख्यकों, मेयर और पीएम को लेकर चल रहे बयानों पर आपका क्या कहना है?
जवाब: महाराष्ट्र में जो रहेगा, वह महाराष्ट्र का मेयर बनेगा। हम सब भारतीय हैं, सब एक हैं। कोई खान बोले, कोई पठान बोले, कोई बुर्के वाली बात करे, ऐसे बयानों से विकास नहीं होता। लोगों को विकास चाहिए, खासकर युवा पीढ़ी को।
सवाल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर आपकी राय?
जवाब: कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार गलत है। इंसानियत के नाते इसका विरोध होना चाहिए।
सवाल: सरकार की कार्यप्रणाली और नेतृत्व पर आपका क्या कहना है?
जवाब: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अंतिम फैसले लेते हैं। हम तीनों दल मिलकर चर्चा करते हैं। लक्ष्य एक ही है, महाराष्ट्र को देश का सबसे बेहतर राज्य बनाना।
सवाल: मुंबई को लेकर दिए जा रहे बयानों पर आपकी प्रतिक्रिया?
जवाब: मुंबई भारत में है और महाराष्ट्र में है। जब तक चांद-सूरज रहेगा, मुंबई महाराष्ट्र की ही रहेगी। चुनाव के समय ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियों के लिए दिए जाते हैं।
सवाल: आपकी राजनीति का मूल मंत्र क्या है?
जवाब: विकास, ईमानदारी और व्यावहारिक फैसले। मुझे ब्रेकिंग बयान नहीं, काम दिखाना है। 15 तारीख तक मैं सिर्फ विकास की बात करूंगा और आगे भी वही करता रहूंगा।
--आईएएनएस
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