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राजनीति अपनी जगह, पर बहू-बेटियों का सम्मान हर हाल में जरूरी: दिनेश शर्मा

लखनऊ, 14 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र और भ्रामक टिप्पणी प्रसारित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
राजनीति अपनी जगह, पर बहू-बेटियों का सम्मान हर हाल में जरूरी: दिनेश शर्मा

लखनऊ, 14 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र और भ्रामक टिप्पणी प्रसारित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भाजपा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "जिसने भी ऐसी हरकत की है, उसने शालीनता और मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। परिवार की बहुओं और बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए और उनके नाम का दुरुपयोग कर गलत जानकारी फैलाना किसी भी तरह से राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा से जुड़ा मामला है।"

उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशों का समर्थन करते हुए कहा कि दोषियों को किसी प्रकार की रियायत नहीं मिलनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, रामपुर में कारी मौलाना जमील हयात ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और किसी की बेटी के बारे में इस तरह की भ्रामक और अपमानजनक पोस्ट करना अत्यंत घिनौनी हरकत है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य करने वाले लोग इंसानियत के दायरे से बाहर हैं और समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले आजमगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे ही उन्हें अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत बातों की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। सीएम ने स्पष्ट कहा कि किसी भी बेटी के सम्मान के खिलाफ की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों से सार्वजनिक संवाद में संयमित भाषा के प्रयोग की अपील भी की।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी