राजनाथ सिंह ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में भाग ले रहे यूपी के 78 युवाओं से की बातचीत
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को दिल्ली कैंट में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 78 उत्साही युवाओं से बातचीत करते हुए कहा, "युवा ही देश को विकसित भारत की राह पर आगे बढ़ाने वाले मुख्य प्रेरक हैं।"
उत्तर प्रदेश के ये युवा उन युवाओं में शामिल हैं जो युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा 10 से 12 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद 2026 में भाग ले रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों के लिए युवा नेताओं की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनकी ऊर्जा, आकांक्षाएं और नवोन्मेषी क्षमताएं देश को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन कर रही हैं।
राजनाथ सिंह ने युवाओं से बहुविषयक शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया ताकि वे तेजी से हो रहे तकनीकी विकास, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में, के साथ कदम मिलाकर चल सकें।
उन्होंने कहा, “सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। आपको नवीनतम पद्धतियों से, अपनी गलतियों से और सबसे महत्वपूर्ण, दूसरों के अनुभवों से सीखना चाहिए। बड़े सपने देखें, लेकिन उन्हें कभी बोझ न बनने दें।”
रक्षा मंत्री ने चुनौतियों को जीवन का अपवाद नहीं बल्कि उसका स्वाभाविक हिस्सा बताते हुए कहा कि कठिन समय ही व्यक्ति के सच्चे व्यक्तित्व और चरित्र को उजागर करता है।
उन्होंने कहा, “जब सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा हो तो शांत रहना आसान होता है, लेकिन आलोचना और असफलता ही व्यक्ति की क्षमता की परीक्षा लेती हैं और अंततः उसके भविष्य की दिशा तय करती हैं। हालांकि, डर न होने का मतलब समस्याओं को हल्के में लेना नहीं है। इसका मतलब है कि हमें उनका सामना साहस, बुद्धिमत्ता और आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए।”
राजनाथ सिंह ने युवाओं से आग्रह किया कि वे चुनौतियों को बोझ न समझें, बल्कि एक अवसर के रूप में देखें, जो उनकी क्षमताओं को पहचानता और बढ़ाता है तथा उनके चरित्र को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा, "आसान रास्ते अक्सर हमें कमजोर बनाते हैं, जबकि कठिन रास्ते हमें मजबूत, दृढ़ और सक्षम बनाते हैं। शिकायत करने से समस्या का समाधान नहीं होता, समाधान ढूंढने से होता है। आत्मविश्वास ही कुंजी है, जो अहंकार से नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी से प्राप्त होता है।"
उन्होंने कहा कि हमें हमेशा विनम्र रहना चाहिए, क्योंकि आपकी उपलब्धियां केवल आपकी ही नहीं हैं, बल्कि परिवार, शिक्षकों और दोस्तों का भी योगदान हैं। विनम्रता आपको जमीन से जोड़े रखती है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
