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राजमुंदरी शहर के आसपास बाघ देखे जाने से दहशत, वन विभाग अलर्ट

अमरावती, 5 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के वन विभाग ने एक बाघ को पकड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं, जो पिछले पांच दिनों से पूर्वी गोदावरी जिले के राजमुंदरी शहर के आसपास घूम रहा है। इसके कारण लोगों में डर का माहौल है।
 
राजमुंदरी शहर के आसपास बाघ देखे जाने से दहशत, वन विभाग अलर्ट

अमरावती, 5 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के वन विभाग ने एक बाघ को पकड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं, जो पिछले पांच दिनों से पूर्वी गोदावरी जिले के राजमुंदरी शहर के आसपास घूम रहा है। इसके कारण लोगों में डर का माहौल है।

राजमुंदरी से करीब 20 किलोमीटर दूर, राजनगरम मंडल के भूपालपटनम गांव के पास बाघ द्वारा मवेशियों के शिकार की पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया। वन विभाग, पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान बाघ को पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑपरेशन में शामिल हैं।

पूर्वी गोदावरी की कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने बताया कि आसपास के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। अधिकारियों ने जी. येर्रमपालेम इलाके में बाघ की गतिविधि देखी है, जहां तीन बछड़ों के शिकार की पुष्टि हुई। उनका कहना है कि बाघ की आवाजाही इसी इलाके तक सीमित दिखती है।

बाघ ने बुधवार रात पुण्यक्षेत्रम में भी हमला किया और एक गाय को मार डाला। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित रूप से घरों में रहने और बाघ वाले इलाकों में न जाने की सलाह दी है। बच्चों, छात्रों और बुजुर्गों को कहा गया है कि जब तक जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने अकेले खेतों, बागों या जंगल वाले इलाकों में जाने से बचने को कहा है।

लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है और उन्हें बाघ को उकसाने या उसे कोई नुकसान न पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों से कहा गया है कि अगर वे बाघ की हलचल या कोई संदिग्ध संकेत देखें, तो तुरंत संबंधित वन या पुलिस अधिकारियों को सूचित करें।

वन अधिकारियों की बारह टीमें बाघ को पकड़ने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं। राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.वी. चलपति राव ने कहा कि बाघ को बेहोश करके जंगल में छोड़ने की अनुमति दी गई है। इसके लिए पुणे और दिल्ली से विशेष टीमें बुलाई गई हैं।

वन अधिकारियों ने जाल बिछाए हैं और बाघ को पकड़ने के लिए बेहोश करने वाली दवाएं और पिंजरे तैयार रखे हैं। माना जा रहा है कि बाघ तेलंगाना और छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र से इस इलाके में आया है।

वन अधिकारियों का अनुमान है कि बाघ ने पिछले 15 दिनों में लगभग 600 किलोमीटर की दूरी तय की है। माना जा रहा है कि यह पिछले पांच दिनों से राजमुंदरी के 10 से 20 किलोमीटर के दायरे में घूम रहा है, जिससे लोगों में चिंता है और अधिकारी लगातार इसकी निगरानी रख रहे हैं।

मंगलवार देर रात बाघ को दीवान चेरुवु सेंटर के पास और नेशनल हाईवे के पास देखा गया। उसे एक कॉर्पोरेट स्कूल और एसवीबीसी कन्वेंशन सेंटर के पास भी देखा गया, जिससे दो कारों में यात्रा कर रहे लोगों को सड़क पर रुकना पड़ा। राजनगरम के विधायक बी. बलराम कृष्ण ने कहा कि बाघ को बेहोश करके सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए सरकारी एजेंसियों से मंजूरी मिल गई है।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम