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राजीव रंजन ने कसा तंज, बोले-हैरानी तब होनी चाहिए जब राहुल गांधी देश में हों

पटना, 3 जनवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक बार फिर विदेश यात्रा को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी के विदेश जाने पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए, बल्कि हैरानी की खबर तो यह होनी चाहिए कि वे देश में मौजूद हैं।
 
राजीव रंजन ने कसा तंज, बोले-हैरानी तब होनी चाहिए जब राहुल गांधी देश में हों

पटना, 3 जनवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक बार फिर विदेश यात्रा को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी के विदेश जाने पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए, बल्कि हैरानी की खबर तो यह होनी चाहिए कि वे देश में मौजूद हैं।

राजीव रंजन ने आईएएनएस से कहा कि संसद के पिछले सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था, लेकिन राहुल गांधी खुद पार्टी के आदेश और संविधान, दोनों से ऊपर खुद को मानते हुए उस समय देश से बाहर थे। अब एक बार फिर राहुल गांधी निजी दौरे पर विदेश गए हैं और इस समय वे वियतनाम में हैं।

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी के इस दौरे में वहां घूमना-फिरना भी शामिल होगा और वापस लौटकर वे भारत में चुनाव प्रबंधन, चुनाव प्रक्रिया और चुनाव की वैधता को लेकर सवाल खड़े करेंगे। इसके बाद देश में एक नई बहस शुरू होगी, लेकिन कुछ ही दिनों में वे फिर से किसी और देश के लिए रवाना हो जाएंगे।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी आगे और कितनी विदेशी यात्राएं करेंगे, इसका शायद उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं है। वह एक पॉलिटिकल टूरिस्ट हैं।

राजीव रंजन ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की स्थिति ऐसी हो गई है कि उनकी अपनी पार्टी के नेताओं के पास भी उनके बयानों और कदमों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उन्होंने इसे कांग्रेस की आंतरिक कमजोरी और नेतृत्व संकट का संकेत बताया।

कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी जदयू प्रवक्ता ने टिप्पणी की। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा के उस बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री बनाया जाना चाहिए। यह कांग्रेस के भीतर उत्तराधिकार और नेतृत्व को लेकर गहरे असमंजस को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब यह तय करना होगा कि क्या उसे नई नेतृत्व पीढ़ी तैयार करने की जरूरत है और वह खुद को एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कैसे स्थापित करना चाहती है। किसी भी लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष तभी संभव है, जब पार्टी के भीतर नेतृत्व की पूरी शृंखला तैयार हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन मौजूदा हालात में पार्टी में वही होता है जो राहुल गांधी कहते हैं, उससे अलग सोचने की कोई गुंजाइश नहीं दिखती।

राजीव रंजन ने इंदौर के दूषित पानी मामले में अपर आयुक्त के निलंबन को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर को अब तक देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान मिली है, लेकिन इस घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। जांच के आधार पर की जा रही दंडात्मक कार्रवाई से सिस्टम को सही संदेश जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान का हवाला देते हुए राजीव रंजन ने कहा कि हाल के एक मामले में जिस डॉक्टर के हाथों में मरीजों की जिंदगी सुरक्षित होनी चाहिए थी, उसी के पास विस्फोटक सामग्री मिली। उन्होंने इसे आतंकवाद का बदलता हुआ चेहरा बताया और कहा कि केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि नैतिकता और जिम्मेदारी भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय एजेंसियों की सराहना की जानी चाहिए, जिन्होंने समय रहते इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया।

जदयू नेता ने जनता से भी अपील की कि वे आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें और अपने आसपास की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी