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राजीव गांधी जयंती पर सुक्खू ने दिलाई सद्भावना की शपथ, बोले- एकता और अखंडता के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

शिमला, 20 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता, सद्भाव को सुदृढ़ करने और आपसी भाईचारे की भावना बनाए रखने की शपथ दिलाई।
 

शिमला, 20 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता, सद्भाव को सुदृढ़ करने और आपसी भाईचारे की भावना बनाए रखने की शपथ दिलाई।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैं हिमाचल प्रदेश के लोगों से अपील करता हूं कि वे इस दिन को सद्भावना दिवस के रूप में मनाएं। राजीव गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी और आजादी के बाद सर्वोच्च बलिदान देने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने। वोटिंग की उम्र 21 से घटाकर 18 करने के उनके दूरदर्शी फैसले ने लाखों युवाओं को लोकतंत्र में भाग लेने का अधिकार दिया। उन्होंने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण भी तब लागू किया, जब सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी।"

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की जयंती पर हम उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं। मैं प्रदेशवासियों से आग्रह करता हूं कि इस दिन को सद्भावना दिवस के रूप में मनाएं। राजीव गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी लगभग 54 प्रतिशत है।

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "सीडब्ल्यूसी की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि लोगों तक क्या संदेश पहुंचाना है और किन मुद्दों को उजागर करना है। हमारे वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस को संबोधित किया और अपनी बात रखी। सीडब्ल्यूसी निश्चित रूप से एक संदेश और पार्टी का कार्यक्रम लेकर आएगी, जिसे हम लोगों तक ले जाएंगे।"

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "मैं बजट सत्र के बाद दिल्ली जाऊंगा। राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के बाद हम अपने अधिकारों और मांगों को उठाएंगे। जायज हक से जुड़े जो भी मुद्दे होंगे, हम उन्हें उठाएंगे। सीडब्ल्यूसी एक साफ एजेंडे के साथ पार्टी का कार्यक्रम तैयार करेगी और हम उस पार्टी कार्यक्रम को लोगों तक ले जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के बाद केंद्र सरकार के समक्ष हम हिमाचल के अधिकारों का मुद्दा मजबूती से उठाएंगे। बीबीएमबी से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय भी आना है। यदि इस निर्णय के बाद किशाऊ बांध की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुलता है, तो इससे प्रदेश को हर वर्ष 500 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।

हिमाचल के सीएम ने कहा कि सरकार में आते ही हमने इस विषय को मजबूती के साथ उठाया है। इस मामले में हरियाणा अपना एफिडेविट दे चुका है, जबकि पंजाब सरकार की ओर से अभी कुछ हिचकिचाहट दिखाई दे रही है। हमारा मानना है कि यदि भारत सरकार इसमें हस्तक्षेप कर इसे आगे बढ़ाती है तो इसका लाभ हिमाचल को तो मिलेगा ही। साथ ही हमारे पानी का उपयोग हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के हित में भी होगा।

--आईएएनएस

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