राजभर का अखिलेश पर निशाना, बोले- अपने कार्यकर्ताओं की पिटाई पर चुप्पी क्यों, चुनाव में जनता देगी जवाब
लखनऊ, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ के गोपालपुर से समाजवादी पार्टी विधायक नफीस अहमद को लेकर सामने आए विवाद के बहाने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में अपने ही कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई जा रही है और पार्टी नेतृत्व पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
मंत्री ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भोजपुरी भाषा में लिखा, "हो अलिखेश यादव जी एकदम्मे किरिया खा लेहले हउवा कि सुधरबा नाही तू लोग? उन्होंने आगे लिखा कि तोहार 'पीट देगा अशफाक' रोज नया-नया कांड करत हउवन, आउर तू चादर तान के सुत्तत हउवा... आजमगढ़ में तोहार बिधायक मियां जी तोहरे बिरादरी वालन के दिन-दहाड़े पिटवावत हउवन तोहरे पार्टी क बूथ अध्यक्ष राहुल यादव क बस एतने गलती रहल कि ऊ बिधायक नफीस अहमद के बदले दूसरे सपा नेता के पसंद कर देलस।"
राजभर ने लिखा कि तनिको त सरम कय ल अखिलेश जी मुसलमान प्रेम में अइसन डूबल हउवा तू कि तोके सही-गलत कुछ समझे में ना आवत ह। उन्होंने आगे कहा कि अपने पार्टी कार्यकर्ता के पिटवावत हउवा तू लोग, जौन बेचारा तोहार झंडा बैनर ढोएला... केहू क त सगा हो जा यार अखिलेश बाबू आवत ह चुनाव, समझ में आ जाई तोहके। ओपी राजभर ने कहा है कि आजमगढ़ क कृष्णवंशी अहिर ए दफे कंसवादी सबहन के कायदे से सबक सिखावे बदे तइयार बइठल हउवन।
बता दें कि आजमगढ़ के गोपालपुर से सपा विधायक नफीस अहमद के समर्थकों पर पार्टी के ही बूथ अध्यक्ष राहुल यादव ने मारपीट का आरोप लगाया है। राहुल के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर संभावित प्रत्याशियों के बीच चल रहे सर्वे में उन्होंने विधायक नफीस अहमद की जगह किसी दूसरे सपा नेता को अपनी पहली पसंद बताया था। आरोप है कि इसके बाद उन्हें फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। राहुल का कहना है कि इसी मामले में वह शुक्रवार को विधायक से सीधे बात करना चाहते थे।
राहुल यादव के मुताबिक, शाम करीब पांच से छह बजे के बीच विधायक नफीस अहमद समर्थकों और अंगरक्षकों के साथ सैदपुर पहुंचे थे। राहुल ने आरोप लगाया कि विधायक से बातचीत की कोशिश के दौरान समर्थकों और अंगरक्षकों ने उन्हें रोक दिया और इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज व मारपीट की गई। राहुल का दावा है कि यह घटना विधायक की मौजूदगी में हुई, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर बीच-बचाव नहीं किया। घटना के बाद राहुल ने शनिवार को महराजगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने घटना से संबंधित एक वीडियो भी थाना प्रभारी और मीडिया को उपलब्ध कराया है।
--आईएएनएस
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