राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले-पीडीए का आधार खिसक रहा, अपने ही वोट बैंक में बढ़ी चुनौती
लखनऊ, 28 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण कमजोर पड़ रहा है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सपा अब अपने पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को बचाने की चुनौती से जूझ रही है और गांव-गांव में उसकी छवि कानून-व्यवस्था व माफिया संरक्षण की राजनीति से जुड़ी पार्टी की बन चुकी है।
मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा कि आपको लड़ना एनडीए से है, लेकिन आपको इस बार 'आपके अपनों' से लड़ना पड़ेगा। आपको यकीन नहीं होगा। मगर ये सच है। जानते हैं क्यों?
उन्होंने कहा कि हम हमेशा ग्राउंड पर लोगों के बीच रहते हैं। ग्राउंड की ही एक रिपोर्ट आपको बता रहे हैं। जानते हैं मित्र, पीडीए आपके हाथ से सरक चुका है, अब तो हालत एमवाई का गठजोड़ बचाने की आ गई है। आपके ‘बिग बॉस’ यानी राहुल जी का 'पंजा' आपके 'एम' पर झपट्टा मारना शुरू कर दिया है। वो तो आपके अपने हैं ना। दूसरे आपके अपने बनना चाहते हैं। समझ ही गए होंगे कि मैं ओवैसी की बात कर रहा हूं।
राजभर ने कहा कि गांव-गांव में आप लोगों की प्रसिद्धि गुंडे और माफिया वाली पार्टी की है, जो कि 100% सही है। आप जब सरकार में होते हैं तो 'जंगलराज' का पूरा पैकेज लेकर आते हैं। गैर-यादव पिछड़ा और बहुजनों पर खुलेआम अत्याचार करते हैं। बेटियों को आपके गुंडे सरेआम छेड़ते हैं। थाने और तहसील सपा के दफ्तर बना दिए जाते हैं। हर विभाग और हर जिले में एक-एक माफिया पालते-पोसते हैं। अपराध का एक पूरा 'सैफई सिंडिकेट' चलाते हैं।
उन्होंने कहा कि आप और आपके स्वजातीय गुंडों की इसी उज्जड्डई से परेशान होकर अब मुसलमान भी आपसे छटकने लगा है। यूपी के गांव-गांव में गंधा गए हैं आप लोग। हमको तो अब पक्का भरोसा हो गया है कि 2027 में आप मुख्य विपक्षी दल बनने लायक भी नहीं बचेंगे।
ओपी राजभर ने कहा कि इसलिए मित्र, जमीन पर आइए। थोड़ी मेहनत कीजिए और अपनों से सावधान रहिए। हमें तो आप अपना मानेंगे नहीं, लेकिन अपनों वाली सही सलाह दे रहा हूं ताकि अगले साल हमें अच्छा विपक्ष मिल सके। हमारा काम है मित्रों को सही सलाह देना, जो हम दे रहे हैं। बाकी आप खुद समझदार हैं, जमीनी सच्चाई समझ लीजिए महाराज।
--आईएएनएस
विकेटी/एसके
