राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का शानदार प्रदर्शन, जनता ने कांग्रेस को नकारा: डॉ. अनिल पटेल
गांधीनगर, 15 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों को लेकर भाजपा प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने पार्टी के पक्ष में आए जनसमर्थन का दावा किया है। उन्होंने राजस्थान की जनता का आभार जताते हुए कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा को व्यापक समर्थन मिला है। खास तौर पर कोटा में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां कांग्रेस और राहुल गांधी के प्रचार अभियान को जनता ने स्वीकार नहीं किया।
भाजपा प्रवक्ता डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के दौरान 10,251 से अधिक सीटों पर चुनाव हुआ, जिसमें भाजपा को 4,151 से ज्यादा सीटों पर जनता का समर्थन मिला। उन्होंने इसे भाजपा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राजस्थान के मतदाताओं का धन्यवाद किया। पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सरकार, संगठन और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में व्यापक स्तर पर काम किया। उन्होंने पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका की भी सराहना की।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणामों ने एक बार फिर राजस्थान में कांग्रेस को जनता की ओर से नकारे जाने का संदेश दिया है। कोटा के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए डॉ. अनिल पटेल ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोटा में कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से चलाए गए अभियान का चुनाव परिणामों पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। विपक्ष के प्रचार को लेकर पटेल ने कहा कि कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी का प्रचार उनके अनुसार जमीनी स्तर पर कम और प्रचारात्मक या आभासी माध्यमों पर अधिक केंद्रित रहता है। राजस्थान की जनता ने चुनाव के माध्यम से इसका जवाब दिया है। कोटा के युवाओं समेत शहर के मतदाताओं ने भाजपा को समर्थन दिया और पार्टी के पक्ष में आए परिणाम को वह महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के तौर पर देखते हैं।
डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि स्थानीय निकायों में भाजपा की सरकार बनने से अलग-अलग जिलों और नगर निकायों में विकास और जनसेवा के काम को और गति मिलेगी। उन्होंने इसे 'ट्रिपल इंजन' व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर भाजपा की सरकारें होने से योजनाओं को जमीन पर लागू करने में बेहतर समन्वय हो सकता है। आने वाले समय में भाजपा स्थानीय निकायों में जनसेवा और विकास से जुड़े कामों को मजबूती से आगे बढ़ाएगी। चुनाव परिणाम पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाले हैं।
राजस्थान में निकायों के पुनर्गठन और विभाजन से जुड़े राजनीतिक मुद्दे पर पटेल ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई जिलों में नगर निकायों का अलग-अलग विभाजन किया गया था और भाजपा ने इस मुद्दे पर जनता के बीच अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में निकायों का विभाजन हुआ, वहां भी भाजपा को जनता का समर्थन मिला। चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलता है कि स्थानीय स्तर पर मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में फैसला दिया है। कांग्रेस ने अलग-अलग चरणों और प्रशासनिक विभाजनों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की, लेकिन इस बार यह रणनीति सफल नहीं हुई।
भाजपा प्रवक्ता ने पिछले स्थानीय निकाय चुनावों और इस बार के चुनाव के तरीके में अंतर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछली बार राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग आठ चरणों में हुए थे, जबकि इस बार एक साथ चुनाव कराए गए। पटेल ने इसे 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पैटर्न से जोड़ते हुए कहा कि एक साथ चुनाव होने से मतदाताओं को स्पष्ट रूप से अपना जनादेश देने का अवसर मिला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को अलग-अलग चरणों और स्थानीय समीकरणों से जो राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद थी, वह इस बार नहीं मिल सका।
डॉ. अनिल पटेल ने भाजपा की चुनावी सफलता का श्रेय पार्टी के संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत को भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य से लेकर स्थानीय निकाय स्तर तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं के बीच जाकर सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को पहुंचाया। पटेल ने उम्मीद जताई कि भाजपा आने वाले समय में नगर निकायों और जिलों में विकास और जनसेवा से जुड़े कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाएगी।
--आईएएनएस
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