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राजस्थान में विदेश संपर्क कार्यक्रम: प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और सहयोग बढ़ाने पर मंथन

नई दिल्ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राजस्थान सरकार के सहयोग से जयपुर में ‘विदेश संपर्क कार्यक्रम’ आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी संघवाद की भावना के साथ विदेश मंत्रालय (एमईए) और राजस्थान राज्य सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के कल्याण, सुरक्षित विदेश यात्रा, कांसुलर सेवाओं और राज्य के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
 

नई द‍िल्‍ली, 16 जुलाई (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राजस्थान सरकार के सहयोग से जयपुर में ‘विदेश संपर्क कार्यक्रम’ आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी संघवाद की भावना के साथ विदेश मंत्रालय (एमईए) और राजस्थान राज्य सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों के कल्याण, सुरक्षित विदेश यात्रा, कांसुलर सेवाओं और राज्य के अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

एमईए ने कहा क‍ि जयपुर में आयोज‍ित 'विदेश संपर्क कार्यक्रम' राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम करने की मंत्रालय की पहल का हिस्सा है। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की। कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय और राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जयपुर के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, भर्ती एजेंसियों के प्रतिनिधि और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने भी भाग लिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पोस्ट कर लिखा, ''विदेश संपर्क कार्यक्रम में सहकारी संघवाद की भावना के तहत विदेश मंत्रालय और राजस्थान सरकार के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव बढ़ाने, विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों को सहायता देने, सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से विदेश जाने को बढ़ावा देने तथा व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।''

व‍िदेश मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा और सहायता पर जोर दिया गया। इसके अलावा, कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें विदेशों में रहने वाले भारतीयों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण के लिए विदेश मंत्रालय तथा राजस्थान सरकार की योजनाएं शामिल थीं।

इसके अलावा, पासपोर्ट, वीजा और कांसुलर सेवाओं से जुड़ी मंत्रालय की नई पहल, सुरक्षित और कानूनी तरीके से विदेश जाने और काम करने को बढ़ावा देने के प्रयास, तथा राजस्थान में व्यापार, निवेश, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी बातचीत हुई।

कार्यक्रम के दौरान हुई बातचीत ने विदेश मंत्रालय और राजस्थान सरकार के बीच बेहतर तालमेल और सहयोग को मजबूत करने का अच्छा मौका दिया। सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, कामकाज को और आसान बनाने के उपायों पर चर्चा की और ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जहां केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रवासी भारतीयों से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू कर सकते हैं।

मंत्रालय के अनुसार, विदेश संपर्क कार्यक्रम की शुरुआत विदेश मंत्रालय ने वर्ष 2017 में की थी। इसका उद्देश्य राज्यों की सरकारों के साथ मिलकर प्रवासी भारतीयों, कांसुलर सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बेहतर समन्वय बनाना है।

एमईए ने बताया क‍ि अब तक यह कार्यक्रम तेलंगाना, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, त्रिपुरा, बिहार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश की सरकारों के साथ आयोजित किया जा चुका है। विदेश मंत्रालय आने वाले वर्षों में भी अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ इस कार्यक्रम के माध्यम से अपना सहयोग और संवाद आगे बढ़ाता रहेगा।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी