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राजस्थान : ईडी की पीएमएलए के तहत बड़ी कार्रवाई, 13.48 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अटैच

जयपुर, 5 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 13.48 करोड़ रुपए मूल्य की एक अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।
 
राजस्थान : ईडी की पीएमएलए के तहत बड़ी कार्रवाई, 13.48 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अटैच

जयपुर, 5 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 13.48 करोड़ रुपए मूल्य की एक अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।

यह कार्रवाई मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके प्रोपराइटर/निदेशक प्रवेश काबरा द्वारा भारतीय रेलवे के साथ की गई व्यवस्थित धोखाधड़ी से जुड़ी है।

इस नए अटैचमेंट के साथ मामले में कुल अटैच संपत्तियों का मूल्य अब करीब 16.15 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो जांच में सामने आए अपराध से प्राप्त कुल अवैध कमाई के बराबर है। ईडी ने इस तरह अपराध की पूरी कमाई को प्रभावी ढंग से सुरक्षित कर लिया है ताकि आरोपी इसे छिपा न सकें, इस्तेमाल न कर सकें या आगे मनी लॉन्ड्रिंग में उपयोग न कर सकें।

ईडी की जांच सीबीआई, एसपीई, जयपुर द्वारा नाथद्वारा, मंडल गढ़ और भरतपुर में दर्ज तीन एफआईआर पर आधारित है, जिनमें चार्जशीट दाखिल की गई थी। जांच से एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ, जिसमें आरोपी ने प्रवेश काबरा के नियंत्रण में मार्बल पाउडर, वेस्ट मार्बल पाउडर और डोलोमाइट जैसी उच्च माल भाड़े वाली वस्तुओं को फिटकरी पाउडर और पुट्टी जैसी कम माल भाड़े वाली वस्तुओं के रूप में गलत घोषित किया। इसका उद्देश्य रेलवे को माल भाड़े में धोखा देकर कम भुगतान करना था।

2021-2022 के दौरान आरोपी ने रेलवे बुकिंग रिकॉर्ड में बार-बार हेरफेर किया, जाली फॉरवर्डिंग नोट, हेरफेर किए ई-फॉरवर्डिंग नोट और गलत एचएसएन कोड का इस्तेमाल कर 120 से अधिक रेक माल का अवैध परिवहन किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिक विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कम भाड़े वाली घोषित खेप वास्तव में मार्बल और डोलोमाइट पाउडर थी। इस धोखाधड़ी से रेलवे माल भाड़े और जीएसटी की चोरी हुई, जिससे सरकारी खजाने को 16.15 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और आरोपी को इतनी ही अवैध कमाई हुई।

इससे पहले ईडी ने 2.67 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियां अटैच की थीं, जो अपराध की कमाई से खरीदी गई थीं। आगे की जांच में पता चला कि बाकी 13.48 करोड़ रुपए की कमाई प्रवेश काबरा के कब्जे में रही और इसे बिजनेस और पर्सनल खर्चों के माध्यम से लेयरिंग कर छिपाया गया। इसलिए ईडी ने गुरुग्राम में एक आवासीय अचल संपत्ति को 13.48 करोड़ रुपए मूल्य के रूप में अटैच किया है।

--आईएएनएस

एससीएच