राज ठाकरे के बयान पर बोले टीएमसी नेता माजिद मेमन, मराठी बनाम गैर-मराठी सोच असंवैधानिक
मुंबई, 12 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मनसे और शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त रैली के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों को कथित रूप से डराने और धमकाने के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता माजिद मेमन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मनसे का यह दावा रहा है कि मुंबई या महाराष्ट्र केवल मराठी लोगों का है और यहां सिर्फ मराठी बोलने वाले ही रह सकते हैं, लेकिन यह सोच पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र के विकास और देश की आर्थिक राजधानी के रूप में मुंबई को स्थापित करने में केवल मराठी लोगों का नहीं, बल्कि देश के हर राज्य से आए लोगों का समान योगदान रहा है।
माजिद मेमन ने मराठी मानुष के मुद्दे पर कहा कि चुनाव जीतने के लिए इस तरह के भावनात्मक और विवादित मुद्दे उठाए जाते हैं और राज ठाकरे भी यही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब यह कहा जाता है कि मराठी मानुष के लिए यह आखिरी चुनाव है तो इसका क्या अर्थ है? लोकतंत्र में चुनाव आगे भी होते रहेंगे और इस तरह के बयान सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए दिए जाते हैं।
मजिद मेमन ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व को लेकर दिए गए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार के आने के बाद हिंदुत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। अपने धर्म को बढ़ावा देना किसी हद तक अधिकार हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए कि अन्य धर्मों के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता 'कांग्रेस मुक्त' या 'मुस्लिम मुक्त' जैसे नारे नहीं दे सकते और सभी धर्मों का समान सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने मणिशंकर अय्यर द्वारा ऑपरेशन सिंदूर को रोकने से जुड़े बयान पर कहा कि जहां तक संभव हो, भारत को बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लिए बातचीत का रास्ता बेहतर है, क्योंकि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता और संवाद करने से कोई देश छोटा नहीं होता।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश विरोधी ताकतों से भारत को सुरक्षित रखने के बयान पर मजिद मेमन ने कहा कि यह गृह मंत्री का संवैधानिक कर्तव्य है और देश की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करना उनके दायित्व का हिस्सा है, इसमें कोई नई बात नहीं है।
भाजपा नेता नितेश राणा के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि तिलकधारी ही प्रधानमंत्री बनेगा, इस पर मजिद मेमन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान करार देते हुए कहा कि नितेश राणा के इस तरह के बयान पहले भी सामने आते रहे हैं और यह उनके निजी विचार और सपने हैं, जिनका देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
ईडी द्वारा आई-पैक पर की गई छापेमारी को लेकर माजिद मेमन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक हैं और वहां चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि वे ममता सरकार को सत्ता से हटाएंगे, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ है, इसलिए भाजपा और उसके सहयोगी दल वहां प्रभावी साबित नहीं हो पा रहे हैं। इसी वजह से भाजपा ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का सहारा ले रही है, लेकिन इसके बावजूद बंगाल में भाजपा की सफलता की संभावनाएं कम हैं।
उन्होंने टीएमसी विधायक अरुणाभ सेन द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित रूप से खुली धमकी देने के मामले पर कहा कि किसी भी व्यक्ति को इस तरह की गैर-कानूनी और आपत्तिजनक बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा या धमकी की भाषा का कोई स्थान नहीं है और सभी नेताओं को जिम्मेदारी से बयान देने चाहिए।
--आईएएनएस
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