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रायसेन कृषि महोत्सव में 'स्मार्ट' खेती, ड्रैगन फ्रूट और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने की दी जानकारी

रायसेन, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में इन दिनों तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से किसान बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
 
रायसेन कृषि महोत्सव में 'स्मार्ट' खेती, ड्रैगन फ्रूट और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने की दी जानकारी

रायसेन, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में इन दिनों तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से किसान बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों, नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे किसानों को बदलते समय के अनुरूप खेती करने की प्रेरणा मिल रही है।

आज के दौर में भारतीय कृषि तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। परंपरागत खेती के साथ-साथ किसान अब नई तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। इस बदलाव को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ किसानों को मिल रहा है।

इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) द्वारा बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत फल, सब्जी, फूल, मसाले तथा औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही, किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें उन्नत तकनीकों से भी अवगत कराया जा रहा है।

बेगमगंज की वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी देवकी मरकाम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से छोटे किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इस योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या विस्तार के लिए पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपए तक अनुदान दिया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

डिप्टी डायरेक्टर (एनएचबी) डॉ. सुंदर कांटिया ने बताया कि संरक्षित खेती जैसे पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट के निर्माण पर किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। वहीं, खुले खेत में आम, अमरूद और आंवला जैसी फसलों की खेती पर 40 प्रतिशत तक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और अन्य पोस्ट हार्वेस्ट संरचनाओं पर 30 से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ड्रिप सिंचाई, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी किसानों को 40 से 55 प्रतिशत तक सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों पर भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम