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'राहुल के सत्ता परिवर्तन का जुनून उन्हें राजनीतिक गुमनामी में ले जाएगा', भाजपा नेताओं का विपक्ष पर हमला

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्ष की रैली और उसके नेताओं पर एक साथ हमला बोला। मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन का उनका जुनून उन्हें राजनीतिक गुमनामी की ओर ले जा रहा है। वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने इंडिया गठबंधन को 'हारे और थके हुए लोगों का गठबंधन' बताया। वहीं, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने रैली को 'मॉक रैली' करार दिया।
 

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्ष की रैली और उसके नेताओं पर एक साथ हमला बोला। मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन का उनका जुनून उन्हें राजनीतिक गुमनामी की ओर ले जा रहा है। वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने इंडिया गठबंधन को 'हारे और थके हुए लोगों का गठबंधन' बताया। वहीं, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने रैली को 'मॉक रैली' करार दिया।

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सपा नेता आजम खान पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ऐसे हालात में अगर वह भावुक बयानबाजी और इमोशनल बातें नहीं करेंगे तो और क्या करेंगे? उन्होंने जो कहा और जो किया, उस पर फैसला कोर्ट करेगा।"

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का सत्ता परिवर्तन का जुनून और सरकार गिराने की उनकी महत्वाकांक्षा उन्हें राजनीतिक गुमनामी की ओर ले जा रही है। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि सत्ता परिवर्तन का उनका जुनून और सरकार को उखाड़ फेंकने की उनकी महत्वाकांक्षा अंततः उन्हें राजनीतिक गुमनामी में ले जाएगी। अब उन्हें यह साफ तौर पर समझ आ गया है कि जनता उन्हें जनादेश देने वाली नहीं है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी चुनाव हारे हुए नेता हैं। अखिलेश यादव भी दो चुनाव पहले हार चुके हैं और अब तीसरा भी हारने जा रहे हैं। इंडिया गठबंधन हारे हुए और थके हुए लोगों का गठबंधन ही तो है।

भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने एक मॉक पार्लियामेंट किया। इसके बाद अब एक मॉक रैली भी कर रहे हैं। अब मैं केवल इतना कहूंगा कि संसद जाइए, जो आप बहस करना चाहते हैं, वह करिए। आपको हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनौती दी है।

उन्होंने कहा कि ऐसा है, राहुल गांधी व्यापारियों के खिलाफ हैं। हां, जो विदेश के व्यापारी हैं, उनके साथ रहते हैं, और जो भारत के व्यापारी हैं, उनके खिलाफ हैं। इसलिए उनका बयान व्यापारी-विरोधी आया है, न कि उनके समर्थन में। मैं तो कह रहा हूं कि मॉक कर रहे हैं। अब मॉक पार्लियामेंट का कोई फर्क पड़ता है क्या? मॉक प्रधानमंत्री भी बनाओ, मॉक स्पीकर भी बनाओ, मॉक गृहमंत्री भी बनाओ, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मगर केंद्रीय गृह मंत्री ने चुनौती दी है कि आइए, विपक्ष, हम लोग सीएए-एनआरसी के ऊपर बहस करने को तैयार हैं। आपको चुनौती देते हैं। तो मॉक मत करो, आकर पार्लियामेंट में बहस करो। राहुल गांधी और विपक्ष को यह चुनौती है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम