राहुल गांधी पर रोहन गुप्ता का तंज, पूछा- 'कब तक 'विक्टिम कार्ड' खेलते रहेंगे?'
अहमदाबाद, 30 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रोहन गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे कब तक 'विक्टिम कार्ड' खेलते रहेंगे।
अहमदाबाद में आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद को अखाड़ा बना दिया है। वे कभी कहते हैं कि माइक बंद कर दिया। कभी बिना तथ्यों के देश के गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आखिर वे क्या चाहते हैं। देश उन्हें देख रहा है और समझ चुका है कि वे सिर्फ सदन का समय बर्बाद करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे देश ने देखा कि राहुल गांधी ने कैसे पहले माइक चालू किया, फिर उसे बंद कर दिया। इसके बाद आरोप लगाते हैं कि माइक बंद कर दिया गया। उनकी झूठी बातों पर कौन विश्वास करेगा।
रोहन गुप्ता ने पूछा कि आप कब तक 'विक्टिम कार्ड' खेलते रहेंगे? देश की जनता देख रही है कि संसद में विपक्ष को जो भूमिका निभानी चाहिए, विपक्ष उससे बिल्कुल उलट काम कर रहा है। जब सरकार सदन में पेपर लीक के खिलाफ इतना महत्वपूर्ण बिल लाई तो उस पर चर्चा करने के बजाय, राहुल गांधी अपनी कहानी सुनाने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद को विक्टिम बनाकर क्या साबित करना चाहते हैं? इस प्रकार की चीजों से उन्हें बचना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष को यह शोभा नहीं देता है।
कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार को लेकर भाजपा नेता बीएल संतोष के बयान का समर्थन करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री कितने दिनों से दिल्ली में सिर्फ कैबिनेट का विस्तार करने के लिए बैठे हैं। यही कांग्रेस पार्टी की सच्चाई है। जहां भी कांग्रेस सत्ता में है, कोई काम आगे नहीं बढ़ता क्योंकि हमेशा निजी फायदे की होड़ और फायदों के बंटवारे को लेकर खींचतान मची रहती है। इसीलिए, कांग्रेस पर जनता भरोसा नहीं कर सकती है।
मौलाना सिराज खान के वंदे मातरम बिल को लेकर दिए बयान पर रोहन गुप्ता ने कहा कि यह बहुत निराशा की बात है कि इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से कोई राजनीतिक बयान नहीं आया है और न ही इसकी कोई निंदा की गई है। जब हम राष्ट्रगीत की बात करते हैं, तो कोई इसका विरोध कैसे कर सकता है? क्या राष्ट्रगीत का कोई धर्म होता है? भारत की आजादी से पहले भी कांग्रेस के सत्रों में यह गीत गाया जाता था। लेकिन, आज इसका विरोध किया जा रहा है। मुझे नहीं लगता है कि मातृभूमि की वंदना करने को किसी धर्म से जोड़कर देखना चाहिए। मौलाना के बयान की निंदा की जानी चाहिए।
--आईएएनएस
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