राहुल गांधी में हिम्मत है तो रांची आकर सीएम आवास के बाहर धरना दें: संजय सेठ
रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों से केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को मुलाकात की।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ और आदित्य साहू ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की और झारखंड सरकार और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, "पहले ही दिन 24 घंटे के अंदर मुख्यमंत्री को छात्रों से मिलने आना चाहिए था। ये हमारे बच्चे हैं, हमारी बेटियां हैं और सरकार 16 दिनों तक चुप रही। अब, जिस तरह अंग्रेजों ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई थी, राज्य सरकार भी वही नीति अपना रही है। अलग-अलग संगठनों से अलग-अलग बात कर रही है और नाटक कर रही है।"
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, "राहुल गांधी, झारखंड की जनता आपको बुला रही है। राहुल गांधी देश में झूठ की सबसे बड़ी फैक्ट्री के मालिक हैं। राहुल गांधी के दोहरे चरित्र के बारे में देश जानता है। वे हर चीज को राजनीतिक नजरिए से देखते हैं। यहां कोई राजनीतिक फायदा नहीं है, क्योंकि आप (कांग्रेस) सरकार में हैं। आप तो वहीं भागते हैं जहां चुनाव होते हैं।
मंत्री ने कांग्रेस नेता को चुनौती देते हुए कहा, "राहुल गांधी, अगर आपमें थोड़ी भी नैतिकता बची है। अगर आपमें हिम्मत है तो रांची आइए। अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैठें और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगें।"
संजय सेठ ने रांची में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शन की तुलना दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से करके गांधी पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दोहराया कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी रहेगी और इस मामले में उनकी मांगों का समर्थन करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड सरकार और इंडिया ब्लॉक को भी निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि एनएसयूआई और जेएमएम युवा मोर्चा के सदस्यों को विरोध प्रदर्शन में इसलिए शामिल किया जा रहा है ताकि छात्रों को "बांटा जा सके" और उनके आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
संजय सेठ ने कहा, "बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, उनकी सेहत बिगड़ रही है और 16 दिन बीत चुके हैं। इन 16 दिनों में राज्य सरकार जिस तरह से 'बांटो और राज करो' की नीति अपना रही है, वह सही नहीं है। और सरकार कितनी डरी हुई है? उनमें बच्चों का सामना करने की हिम्मत नहीं है। सोलह दिन बीत गए और वे एक भी कदम नहीं उठा पाए हैं। उन्हें किस बात का डर है? डर क्या है? वे सीबीआई जांच क्यों नहीं करवाते।"
वहीं, झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने आईएएनएस से कहा, "कांग्रेस के समर्थन से चलने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार छात्रों का मजाक उड़ा रही है और उनके साथ खिलवाड़ कर रही है। बार-बार बातचीत करने की क्या जरूरत है? जिस तरह कांग्रेस पार्टी दिल्ली में ड्रामा कर रही थी और छात्रों को गुमराह कर रही थी, प्रधानमंत्री आवास पर भूख हड़ताल पर बैठी थी, आज राहुल गांधी कहां हैं? वे छात्रों से बात क्यों नहीं कर रहे हैं या मुख्यमंत्री से क्यों नहीं मिल रहे हैं? अगर उनमें जरा भी नैतिकता है या झारखंड के लिए प्यार है तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए और साफ-साफ बात करनी चाहिए या तो सरकार सीबीआई जांच का आदेश दें वरना मैं सरकार से समर्थन वापस ले लूंगा।"
आदित्य साहू ने कहा, "झारखंड में हमारे बच्चे, हमारे छात्र जिस तरह से रो रहे हैं। मुझे लगता है कि सरकार में इन बच्चों के आंसू समझने की हिम्मत नहीं है। ये सिर्फ तीन बच्चे नहीं रो रहे हैं, इस राज्य के सैकड़ों छात्रों के आंसू बह रहे हैं। सरकार को यह समझने की जरूरत है... कांग्रेस दिल्ली में जोर-जोर से चिल्ला रही थी। राहुल गांधी उन्हें फोन पर बातें समझाने की कोशिश करते हैं लेकिन राहुल गांधी को पहले मुख्यमंत्री से इस बारे में पूछना चाहिए।"
--आईएएनएस
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