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राहुल गांधी में पीएम मोदी से बहस करने की क्षमता नहीं, पहले मुझसे डिबेट करें: ओम प्रकाश राजभर

अंबेडकर नगर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने वाले कांग्रेस सासंद राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री मोदी के सामने बैठकर बहस करने की क्षमता नहीं है। राहुल गांधी को चुनौती देते हुए राजभर ने कहा कि अगर उनमें बहस करने का इतना ही आत्मविश्वास है तो वे पहले उनके साथ किसी भी मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करें। उन्होंने यहां तक कहा कि कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे राहुल गांधी के साथ बहस करने के लिए तैयार हैं।
 

अंबेडकर नगर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देने वाले कांग्रेस सासंद राहुल गांधी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री मोदी के सामने बैठकर बहस करने की क्षमता नहीं है। राहुल गांधी को चुनौती देते हुए राजभर ने कहा कि अगर उनमें बहस करने का इतना ही आत्मविश्वास है तो वे पहले उनके साथ किसी भी मुद्दे पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करें। उन्होंने यहां तक कहा कि कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे राहुल गांधी के साथ बहस करने के लिए तैयार हैं।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि राहुल गांधी के पास वह ताकत और क्षमता नहीं है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के सामने बैठकर डिबेट कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को कई चीजों का अनुभव नहीं है और देश के खिलाफ बोलना उनकी आदत बन गई है। इसके अलावा, उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया।

राजभर ने चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्तों को हटाने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत के साथ राष्ट्रपति की भी मंजूरी जरूरी है। राहुल गांधी और विपक्षी नेता जानबूझकर इस तरह के मुद्दों पर विवाद खड़ा कर रहे हैं, क्योंकि उनमें जनता के बीच जाने का आत्मविश्वास नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के सामने आने पर राहुल गांधी का आधा बल वैसे ही खत्म हो जाएगा, जैसे सुग्रीव और बाली की लड़ाई में बाली के सामने जाने वाले का आधा बल खत्म हो जाता था।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती पर कहा था कि राहुल गांधी पहले उनसे ही बहस कर लें। इस पर राजभर ने कहा कि भाजपा के पास एक से बढ़कर एक सेनापति हैं, जो राहुल गांधी से ज्यादा विद्वान और अनुभवी हैं। राहुल गांधी को पहले उनसे निपटना चाहिए, उसके बाद प्रधानमंत्री के सामने जाने की बात करनी चाहिए।

राजभर ने कहा कि राहुल गांधी झूठ के आधार पर आरोप लगा रहे हैं। राहुल गांधी चाहें तो उनके साथ किसी भी मुद्दे पर बहस कर सकते हैं। कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल से जुड़े किसी भी मुद्दे को राहुल गांधी बहस का विषय बना सकते हैं। दोनों आमने-सामने बैठकर चर्चा करें।

वहीं, समाजववादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को घेरते हुए राजभर ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय वीपी सिंह का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वीपी सिंह बोफोर्स के सबूत लेकर निकले थे और प्रधानमंत्री भी बने, लेकिन दुनिया छोड़ने तक वे संबंधित कागजात नहीं दिखा पाए। राजभर ने सवाल किया कि राहुल गांधी को फंडिंग के बारे में जानकारी किस आधार पर मिली है? उन्हें कैसे पता चला कि पैसा चेक के जरिए आया या नकद के रूप में? यदि राहुल गांधी के पास विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों के सबूत हैं तो उन्हें प्रस्तुत करना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके