राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कर रहे बदनाम: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव
रांची, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर दुख जताया। उन्होंने नाना पाटेकर के निधन को देश और फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि नाना पाटेकर का निधन केवल सिनेमा जगत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। साधारण परिवार से निकलकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सुपरस्टार का मुकाम हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद को किसी एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा। कभी पुलिस अधिकारी, तो कभी माफिया डॉन, डाकुओं के सरदार, पंडित या साधु जैसे अलग-अलग किरदार निभाए। शाहदेव ने उन्हें बेहद वर्सेटाइल अभिनेता बताते हुए कहा कि उनके करियर में बेस्ट एक्टर, बेस्ट विलेन और बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर जैसे सम्मान जुड़े रहे।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का व्यक्तित्व किसी पारंपरिक सुपरस्टार जैसा नहीं था, बल्कि उनका चेहरा और अंदाज आम आदमी जैसा था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर फिल्म जगत में अलग पहचान बनाई। शाहदेव ने कहा कि उनकी कमी फिल्म जगत को हमेशा महसूस होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। भाजपा की राजनीतिक विचारधारा भले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अलग हो, लेकिन दुख की इस घड़ी में भाजपा परिवार उनके साथ खड़ा है। पिछले एक वर्ष में हेमंत सोरेन के लिए व्यक्तिगत तौर पर बेहद कठिन समय रहा है। पहले उनके पिता शिबू सोरेन का निधन हुआ और अब उनकी मां रूपी सोरेन भी नहीं रहीं।
उन्होंने रूपी सोरेन के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि जब शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के दौरान संघर्ष कर रहे थे और लंबे समय तक परिवार से दूर रहते थे, उस समय रूपी सोरेन ने बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी संभाली। बड़े नेताओं और नायकों की पत्नियों का योगदान अक्सर अनकहा रह जाता है। उन्होंने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि परिवार के संघर्ष में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर शाहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दा है तो भीड़ के साथ पहुंचने के बजाय तय प्रक्रिया के तहत प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से बात क्यों नहीं की गई। शाहदेव ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव में वोट चोरी हुई है तो कांग्रेस के सांसदों और विधायकों को भी इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उन्हीं चुनावों के जरिए वे निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां भी इसी व्यवस्था के तहत चुनाव हुए हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के प्रदर्शन पर शाहदेव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान जिस तरह की घटनाएं हुईं, वे सभ्यता के दायरे में नहीं थीं। उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ राहुल गांधी के कथित व्यवहार पर भी सवाल उठाया और इसे अनुचित बताया। साथ ही, प्रियंका गांधी के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो का जिक्र करते हुए शाहदेव ने कांग्रेस नेताओं पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक विरोध के दौरान मर्यादा और संस्थाओं के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
--आईएएनएस
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