व्यापारियों की गुहार सुनने के लिए राहुल गांधी के पास 20 मिनट भी नहीं है: तुहिन सिन्हा
मुंबई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रस्तावित रैली से होने वाली परेशानियों को लेकर व्यापारी उनसे केवल 20 मिनट का समय मांग रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी उनसे मिलने के लिए तैयार नहीं हैं। सिन्हा ने दावा किया कि दीपावली से पहले प्रस्तावित रैली के कारण दिल्ली में यातायात बाधित हो सकता है और व्यापारियों के साथ-साथ खरीदारों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करने से पार्टी की चुनावी स्थिति नहीं बदलेगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी राहुल गांधी से मिलकर अपनी समस्याएं बताना चाहते हैं। उनकी मांग है कि दीपावली से पहले बड़े स्तर पर अव्यवस्था पैदा करने वाली रैली को स्थगित किया जाए। कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में 15 से 20 हजार बसों के दिल्ली में प्रवेश करने की आशंका है, जिससे यातायात जाम हो सकता है और आम लोगों को परेशानी हो सकती है। व्यापारी अपनी चिंता बताने के लिए राहुल गांधी से केवल 20 मिनट का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी छात्र रैली करने के बाद कई दिनों तक गायब रहते हैं, लेकिन व्यापारियों की बात सुनने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की संवेदनहीनता करार दिया।
सिन्हा ने दावा किया कि पिछले तीन सप्ताह में दिल्ली के व्यापारियों को इस तरह की अव्यवस्था के कारण करीब तीन हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यदि कांग्रेस आठ दिन का नया कार्यक्रम शुरू करती है तो व्यापारियों को कम से कम दस हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर रही है।
कांग्रेस के प्रस्तावित मॉक महाभियोग कार्यक्रम पर सिन्हा ने कहा कि रामलीला मैदान में अनुमति नहीं मिलने के बाद अब यह कार्यक्रम मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने इसे मॉक महाभियोग के बजाय न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ अभियान बताया। सिन्हा ने कहा कि जब संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और चुनाव आयुक्तों ने अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं, तब अदालत ने याचिकाकर्ताओं को आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए दस दिन का समय दिया है। ऐसे में कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस इस तरह के कार्यक्रम के जरिए देश की न्यायिक व्यवस्था पर अविश्वास जता रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इस तरह के आयोजनों से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आगरा में ज्ञानेश कुमार के पारिवारिक घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले की कोशिश का भी उल्लेख किया। सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस की ऐसी गतिविधियां लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और पार्टी को अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए सिन्हा ने दावा किया कि कांग्रेस को 28 में से एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद चार सीटों पर हुए चुनाव में पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। चुनाव बैलेट पेपर से हों या ईवीएम से, कांग्रेस का प्रदर्शन तब तक नहीं बदलेगा, जब तक वह अपनी नकारात्मक राजनीति नहीं छोड़ती। सिन्हा ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ, पंजाब, हैदराबाद और केरल में छात्र परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा में स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। सिन्हा ने कहा कि इन नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाता नकारात्मक राजनीति और अव्यवस्था फैलाने वाले रवैये को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर अपनी चुनावी रणनीति और कार्यशैली पर विचार करने की अपील की।
--आईएएनएस
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