राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है: दिलीप जायसवाल
पटना, 3 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे पर तंज कसा। कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है। इसीलिए छुट्टियों पर चले जाते हैं।
दिलीप जायसवाल ने राहुल गांधी के इंदौर वाली घटना पर किए एक्स पोस्ट पर भी पलटवार किया। कहा कि दुर्घटना होती है, लेकिन सुनियोजित दुर्घटना नहीं होनी चाहिए। दुर्घटना हुई है तो जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से भाजपा नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई। सीवर पीने के पानी में कैसे मिला। समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई। जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए भाजपा का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है-कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें।
राहुल के पोस्ट पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि उनके पास कोई काम नहीं है। घटना होती है तो जांच होती है और इस मामले में भी जांच की जा रही है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि धर्म के आधार पर बांग्लादेश में जो कुछ भी हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे क्रूर काम बर्दाश्त नहीं किए जा सकते, और न ही अल्लाह और न ही भगवान उन्हें माफ़ करेंगे। वहां के लोगों को समझना चाहिए कि इस तरह की गंदी हरकत न करें, समझने की कोशिश करें कि इंसानियत और मानवता के साथ ऐसा क्यों हो रहा है, और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरिधारी लाल के बयान पर उन्होंने कहा कि इस भाषा का बोलने वाला किसी का पति, किसी का बेटा नहीं हो सकता है।
एसआईआर को लेकर विपक्ष के विरोध पर उन्होंने कहा कि इसे पूरा देश पसंद कर रहा है; टीएमसी नेता की राजनीतिक दुकानदारी बंद हो रही है, इसीलिए वे बयान देते हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीएससी
