राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर बोले राम कृपाल यादव, कहा-परेशान हैं राहुल, भविष्य नहीं दिख रहा
पटना, 31 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर, जहरीली शराब से हुई मौतों, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात और संजय कुमार सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी इन दिनों परेशान हैं और उन्हें अपना भविष्य दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक भविष्य की तलाश में लगातार कुछ न कुछ करते रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां इस मुद्दे पर चर्चा करने की जरूरत नहीं थी। खड़गे अकेले नहीं थे और वहां कई लोग मौजूद थे, इसलिए इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं था।
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज इस एफआईआर में राहुल गांधी पर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, बिहार में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के मामले को राम कृपाल यादव ने गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू है और इसके बावजूद यदि कोई जहरीली शराब बनाने की हिम्मत करता है तो यह कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना में लोगों की मौत के लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात पर मंत्री ने कहा कि बैठक में निश्चित तौर पर कोई महत्वपूर्ण मुद्दा रहा होगा। उन्होंने नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश का जिक्र करते हुए कहा कि नेपाल में बढ़ते जलस्तर का असर बिहार पर भी पड़ सकता है। बिहार पहले से ही बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर चुनौती का सामना कर रहा है।
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव द्वारा मंत्री संजय कुमार सिंह पर लगाए गए आरोपों पर रामकृपाल यादव ने उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अच्छे व्यक्ति हैं और उनकी जानकारी के अनुसार उन पर पहले कभी कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि बिना सबूत या ठोस प्रमाण के किसी पर आरोप लगाने पर स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया होती है।
--आईएएनएस
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