राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भड़की भाजपा, तरुण चुघ बोले- हताशा में अपना स्तर गिरा रहे हैं
नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मोर्चा खोल दिया और इसे हताशा व वैचारिक दिवालियापन की पराकाष्ठा करार दिया। भाजपा सांसद तरुण चुघ से लेकर प्रवक्ता शाजिया इल्मी तक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हार से वह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और अब स्तरहीन राजनीति पर उतर आए हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा, "हताशा, निराशा और गुस्से में राहुल गांधी दिन-ब-दिन अपनी राजनीति का स्तर गिरा रहे हैं। मेरा मानना है कि बार-बार हारने की वजह से राहुल गांधी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।"
वहीं, आध्यात्मिक गुरु, ज्योतिषी और श्री सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम के पीठाधीश्वर परमहंस दाती महाराज ने कहा, "यह भारत है, और भारत रिश्तों का बरगद है। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि सनातन हमेशा इस सिद्धांत पर कायम है कि मां तो मां होती है, और जो भी इंसान अपनी मां का सम्मान करता है, वह बहुत खुशकिस्मत है। सनातन में ऐसी बातों के लिए कोई जगह नहीं है। जो इंसान ऐसी बातें करता है, वह सच्चा सनातनी नहीं हो सकता।"
भाजपा नेता सुनील देवधर ने कहा कि मां सबसे महान होती हैं। यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी किसी से पूछो तो मां को सबसे महान माना जाता है। कोई भी अपनी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा, यहां तक कि इटली में भी, जहां से उसकी मां आई है।
बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि शराफत की सारी हदें पार हो गई हैं। यह बचकाना बर्ताव है और हमारा मानना है कि इससे प्रधानमंत्री की भावनाओं को ठेस पहुंची है, जो पूरे देश और इसके 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उनके कामों से देश को शर्मिंदगी हुई है।
वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह एक कॉमेडियन था। वह सिर्फ कॉमेडी कर रहा था। किसी ने मां का मजाक नहीं उड़ाया। भाजपा नेताओं में अक्ल की कमी है। वे कॉमेडी और गंभीरता के बीच का फर्क नहीं समझ पा रहे हैं।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि झूठ की आवाज ज्यादा दिन नहीं टिकती। जो लोग हमारे सांस्कृतिक मूल्यों से सहमत नहीं हैं, उन्हें हमारे वेजिटेरियनिज्म से दिक्कत है। उन्हें हमारे दीयों से दिक्कत है। उन्हें हमारी दीपावली से दिक्कत है। उन्हें दीपावली के पटाखों से दिक्कत है, लेकिन उन्हें सालों तक दुनिया भर में गिरने वाली मिसाइलों से दिक्कत नहीं है। उन्हें हमसे ज्यादा दिक्कत है। उन्हें दीयों से दिक्कत है, लेकिन शराब से नहीं। उन्हें शराब से दिक्कत नहीं है, लेकिन शाकाहारी भोजन से दिक्कत है। लोगों को पता चल गया है कि राहुल गांधी असल में क्या चाहते हैं। जो भाषा बोली जा रही है, उसे देश और दुनिया सुन रही है, और वे सही एक्शन भी लेंगे।
भाजपा की प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि राहुल गांधी क्या चाहते हैं? क्या वे लोकतंत्र खत्म करना चाहते हैं? क्या वे कानून का राज हटाना चाहते हैं? क्या वे संविधान खत्म करना चाहते हैं? सिस्टम क्या है? सिस्टम लोकतंत्र है। यह एक रिपब्लिक है, जहां लोग वोट करते हैं, और हर एक इंसान के वोट का बराबर महत्व होता है तो वह क्या चाहते हैं? क्या वह सिस्टम को खत्म करके नेपाल जैसे हालात बनाना चाहते हैं? वह क्या बनाना चाहते हैं? नेपाल या पाकिस्तान। इस देश को कौन चलाएगा? उनके दिमाग में क्या है? क्या हमें देश चलाने के लिए जॉर्ज सोरोस को यहां लाना चाहिए?
शाजिया इल्मी ने आगे कहा कि मां राजनीति का मुद्दा नहीं है। जब भी आप किसी बुजुर्ग औरत या किसी की मां के बारे में बात करते हैं तो आपको उन्हें कभी भी मनोरंजन के लिए एक कैरेक्टर के तौर पर नहीं देखना चाहिए। मुझे लगता है कि यह भद्दे और ओछे व्यवहार का एक नया स्तर है, और स्टैंडर्ड्स लगातार गिर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी स्टूडेंट इससे कभी सहमत हो सकता है।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि एक बुजुर्ग, कमजोर औरत की बेइज्जती करना, बार-बार मां की बेइज्जती करना और उन्हें टारगेट करना, बहुत अफसोस की बात है। मुझे ऐसी सोच के लिए बहुत दुख होता है।
वहीं, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जेन-जी और जेन अल्फा के सम्मान के साथ सरकार ने खिलवाड़ किया। राहुल गांधी के साथ भाजपा की बी टीम, जो कांग्रेस के भीतर है, हमेशा विश्वासघात करती है। राहुल गांधी को ऐसे लोगों को तवज्जो नहीं देना चाहिए और उन्हें पद से हटाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह मिमिक्री का विषय हो सकता है, यह हंसी का विषय हो सकता है, एक बार वीडियो देखें और ध्यान दें। बस अपनी मां को याद करें, और अगर कोई किसी मां को कुर्सी पर बैठने के लिए कहे तो क्या यह हंसी का विषय भी हो सकता है? मेरा मतलब है, मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे क्या कहना चाहते हैं।
भाजपा सांसद मुकेश दलाल ने कहा कि एक बुजुर्ग महिला, एक बुजुर्ग मां की नकल करके राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की माताओं समेत देश की सभी माताओं का अपमान किया है। सच तो यह है कि राहुल गांधी को बचपन में उनके माता-पिता ने सही संस्कार नहीं दिए। अगर उन्हें एक-दो थप्पड़ मारकर अनुशासन सिखाया गया होता, तो आज वे इतने बेशर्म नहीं होते। यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि ऐसा इंसान विपक्ष का नेता बन गया है।
--आईएएनएस
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