राहुल गांधी के बयान पर भड़के भाजपा नेता, महंत राजूदास ने भी बोला हमला
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और आरएसएस को लेकर दिए गए बयान पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने उनके बयान की कड़ी निंदा करते हुए राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया है। इस बीच भाजपा सांसद मनोज तिवारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला और अयोध्या के महंत राजू दास ने राहुल गांधी के बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी और उन पर गंभीर आरोप लगाए।
आईएएनएस से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने ठान लिया है कि वह खुद तो डूबेंगे और कांग्रेस को भी ले डूबेंगे। राहुल गांधी इतनी हार झेल चुके हैं कि वह इस देश के विरोधियों के साथ मिल रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अगर कोई 20 साल सिखाए तो भी वह नरेंद्र मोदी नहीं बन पाएंगे। राहुल गांधी सूरज पर थूकने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी अंबेडकर के अपमान की बात करते हैं, लेकिन इनकी पार्टी की सरकार ने उनके अंतिम क्रिया के लिए दिल्ली में जगह नहीं दी और प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में अंबेडकर मेमोरियल तक बनवा दिया।
उन्होंने कहा कि देश के लोग अंबेडकर के बारे में पढ़ें तो पता चलेगा कि किस तरह कांग्रेस ने उनका अपमान किया है। कांग्रेस को भाजपा ने हराया है। वह लूटने का काम करते हैं और हम लोगों के हित में काम करते हैं। कांग्रेस खत्म हो रही है और अब वह संविधान की बात कहकर लोगों को भड़का रहे हैं। संविधान प्रधानमंत्री को अपशब्द कहना नहीं सिखाता है।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री इटली गए और ट्रेड की डील कर ली। पीएम मोदी इटली की पीएम मेलोनी को ‘मेलोडी’ खिला रहे हैं तो राहुल गांधी को परेशानी क्यों हो रही है? इटली में उन्हें कोई पूछने वाला नहीं है। डिप्रेशन में भारत का युवा नहीं बल्कि, राहुल गांधी हैं।
अयोध्या के महंत राजू दास ने कहा कि राहुल गांधी में चाल, चरित्र, आस्था और विश्वास ही नहीं है। उन्हें देश को लेकर कोई चिंता नहीं है। वह प्रधानमंत्री, गृह मंत्री पर विवादित टिप्पणी कर रहे हैं। आतंकियों के लिए रात को कोर्ट खुलवाने वाले प्रधानमंत्री को अपशब्द कह रहे हैं। अगर वह प्रधानमंत्री को अपशब्द कह रहे हैं तो देश के 140 करोड़ देशवासियों को अपशब्द कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को आंखें खोल लेनी चाहिए, वरना बचे दो-चार सांसद भी खत्म हो जाएंगे।
--आईएएनएस
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