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राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन तमाशा, सरकार पर उद्धव ठाकरे की टिप्पणी अनुचित: श्रीकांत भारतीय

मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात संसद के भीतर रखनी चाहिए, न कि सड़क पर तमाशा करना चाहिए। केंद्र सरकार नीट समेत युवाओं से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और जांच भी कर रही है, लेकिन विपक्ष इन मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहा है।
 

मुंबई, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात संसद के भीतर रखनी चाहिए, न कि सड़क पर तमाशा करना चाहिए। केंद्र सरकार नीट समेत युवाओं से जुड़े सभी मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और जांच भी कर रही है, लेकिन विपक्ष इन मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहा है।

राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर श्रीकांत भारतीय ने कहा कि राहुल गांधी जब भी विदेश से लौटते हैं, उसके बाद इस तरह की गतिविधियां करना उनका पुराना इतिहास रहा है। अब राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उन्हें संसद के भीतर अपनी बात रखने का पूरा अवसर प्राप्त है। सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वह सदन के बजाय बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति की यही परंपरा रही है और देश की जनता इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है। नीट जैसे विषयों पर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और सभी आवश्यक जांच प्रक्रियाएं चल रही हैं। राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर जो बातें कही हैं, उन्हें देश की जनता पसंद नहीं कर रही है।

नेपाल की तरह युवाओं को भड़काने की संभावना संबंधी सवाल पर श्रीकांत भारतीय ने कहा कि नेपाल की परिस्थितियां पूरी तरह अलग थीं, जहां युवाओं के बीच अलग प्रकार का असंतोष था। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर जिस तरह के लोग मंच पर मौजूद थे, वे ऐसे लोग हैं जिनकी छवि 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और राष्ट्रविरोधी विचारधारा से जुड़ी रही है। देश की युवा शक्ति ऐसे लोगों के साथ नहीं जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर युवाओं का विश्वास कायम है। नीट का परिणाम आ चुका है और 70 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, इसलिए देश के युवा इस पूरे घटनाक्रम को समझ रहे हैं और इस प्रकार की नौटंकी का समर्थन नहीं करेंगे।

श्रीकांत भारतीय ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा केंद्र सरकार की तुलना रावण से किए जाने वाले बयान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आजकल उद्धव ठाकरे इतिहास और धार्मिक प्रतीकों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग महाराष्ट्र में राम रक्षा का पाठ करते हैं और रावण के उदाहरण देते हैं, वे ऐसे लोगों के साथ राजनीति कर रहे हैं जिन्हें भगवान राम भी स्वीकार नहीं हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें पहले महाराष्ट्र में अपनी राजनीतिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। महाराष्ट्र की जनता यह समझ रही है कि उद्धव ठाकरे की राजनीतिक मंशा क्या है और वे किन लोगों के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी द्वारा यह कहे जाने पर कि राहुल गांधी के प्रदर्शन से सीजेपी का आंदोलन कमजोर हुआ है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित विपक्ष के कई नेताओं की विश्वसनीयता युवाओं और आम जनता के बीच समाप्त हो चुकी है। लगातार अपना रुख बदलने की वजह से जनता भी इन नेताओं की राजनीतिक स्थिति को समझ चुकी है।

मुंबई में प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब की तस्वीर दिखाए जाने के मामले पर बीजेपी एमएलसी ने कहा कि यह पूरी तरह स्वाभाविक है क्योंकि जिस प्रकार की भीड़ और विचारधारा वहां मौजूद थी, उसी का यह प्रतिबिंब है। यदि ऐसी विचारधारा होगी तो छत्रपति शिवाजी महाराज की जगह औरंगजेब की तस्वीर ही सामने आएगी। महाराष्ट्र की भूमि पर औरंगजेब की तस्वीर का प्रदर्शन लोगों को यह संकेत देता है कि इसके पीछे किस प्रकार की मानसिकता और मंशा काम कर रही है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल किए बिना आर्टिकल 370 की वापसी की चर्चा की थी, श्रीकांत भारतीय ने कहा कि जब तक सूरज और चांद रहेंगे, तब तक भारत में आर्टिकल 370 की बहाली नामुमकिन है। उन्होंने दावा किया कि आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और अनुसूचित जनजातियों सहित विभिन्न वर्गों को नए अवसर मिले हैं। यह बात जम्मू-कश्मीर की जनता भी जानती है और उमर अब्दुल्ला भी इससे भली-भांति परिचित हैं।

--आईएएनएस

पीएसके