राहुल गांधी का भाजपा और निर्वाचन आयोग पर हमला, बोले-'वोट चोरी' से लोकतंत्र को पहुंचाया जा रहा नुकसान
नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को भाजपा और निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर किए एक पोस्ट में उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के मतदाता सूची संशोधन का मुद्दा उठाते हुए इसे "वोट चोरी" करार दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके लगातार बदलते रहते हैं, लेकिन उनका मकसद एक ही है किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना और भारत के लोकतंत्र को खत्म करना।
कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 का हवाला देते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय भी उन्होंने इसे वोट चोरी बताया था और आज भी अपने आरोप पर कायम हैं।
राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन नामों को मतदाता सूची से हटाया गया था, उनमें से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद फिर से जोड़े गए। इसका मतलब है कि हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे और उन्हें चुनाव प्रक्रिया के बाद वापस जोड़ा गया।
कांग्रेस सांसद ने महाराष्ट्र की मौजूदा मतदाता सूची का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि राज्य में 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर कर दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब पांचवां हिस्सा है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में 9.29 करोड़ मतदाता थे। विधानसभा चुनाव 2024 में यह संख्या 9.70 करोड़ पहुंच गई, जबकि 2026 की विशेष पुनरीक्षण सूची में मतदाताओं की संख्या 7.78 करोड़ दिखाई गई है।
राहुल गांधी ने सवाल किया कि इन तीनों में से सही मतदाता सूची कौन सी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के जरिए बनी सरकारों के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं होती, इसलिए ऐसी सरकारें न तो लोगों की आवाज सुनती हैं और न ही आदेश मानती हैं।
--आईएएनएस
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