संविधान, गांधीवादी मूल्यों और युवाओं के लिए लगातार लड़ रहे हैं राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान, गांधीवादी मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी सोच और दृष्टि होती है, लेकिन कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से 'भारत जोड़ो यात्रा' का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से राहुल गांधी ने लोगों से संवाद स्थापित किया और देश में एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों पर भी लगातार उनके साथ खड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को लेकर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस का अपना दृष्टिकोण और संघर्ष का अपना रास्ता है। उन्होंने राहुल गांधी को दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि वह वर्तमान समय में भी भारत के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस बीच, कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल भी उठाए।
उन्होंने कहा कि एक संस्था के रूप में शिक्षा मंत्रालय की स्थिति खराब हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रह्लाद जोशी अपने कार्यकाल की शुरुआत सकारात्मक और प्रभावी फैसलों से करेंगे।
मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि देश के कई हिस्सों में शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्कूलों के बंद होने तथा बिहार में शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को जनगणना, चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाया जाता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
कांग्रेस सांसद ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग करती रही है। उनका दावा था कि सरकार की नीतियों के कारण छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
उन्होंने बिहार में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस का काम जनता की सेवा करना है, न कि उनके खिलाफ बल प्रयोग करना।
उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए।
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग यह मानते थे कि सरकार को चुनौती नहीं दी जा सकती, वे गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और सरकारों को जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
--आईएएनएस
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