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राहुल गांधी के बयान से देश को पहुंचता है नुकसान: प्रतुल शाह देव

रांची, 4 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। नेताओं ने राहुल गांधी के व्यवहार, संसद की कार्यप्रणाली और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।
 
राहुल गांधी के बयान से देश को पहुंचता है नुकसान: प्रतुल शाह देव

रांची, 4 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। नेताओं ने राहुल गांधी के व्यवहार, संसद की कार्यप्रणाली और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे 'एक ढीली तोप' की तरह हैं, जिनके गोले देश के भीतर ही अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है मानो राहुल गांधी ने देश के खिलाफ बोलने का ठेका ले रखा हो।

प्रतुल शाह देव ने आगे कहा कि जब लोकसभा अध्यक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया कि बिना अनुमति किसी सदस्य पर आरोप नहीं लगाया जा सकता और इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं है, तो उन नियमों का पालन किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।

वहीं बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी पार्टी के सदस्यों को मिलने वाले समय का सही ढंग से प्रबंधन करें।

उन्होंने बताया कि लोकसभा और विधानसभा में बोलने का समय सदस्यों की संख्या के आधार पर तय होता है। यदि कांग्रेस को अधिक समय चाहिए, तो उसके प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग बोलना चाहिए। सरावगी ने यह भी दावा किया कि जहां-जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ रहा है।

इसी मुद्दे पर बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि लोकसभा संविधान के अनुसार चलती है और बिना स्पीकर की अनुमति के कोई भी सदस्य खड़ा होकर बोल नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के कुछ सांसद, जिन्हें निलंबित भी किया गया है, सदन की गरिमा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले खुद संसद की मर्यादा का सम्मान करना चाहिए।

भाजपा नेताओं के अनुसार, संसद में नियमों और परंपराओं का पालन सबसे जरूरी है, जबकि विपक्ष का कहना है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीएससी