राहुल गांधी बरी तो कोर्ट सही, हारे तो बिकाऊ? कांग्रेस दोहरा मापदंड बंद करे: संजय निरुपम
मुंबई, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने मानहानि मामले में राहुल गांधी को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट से राहत मिलने पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अदालतों पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही निरुपम ने भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास प्रस्तावित बिजली संयंत्र का बचाव करते हुए इसे महाराष्ट्र के विकास और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने मनोज जरांगे पाटिल के जारी किए गए ऑडियो क्लिप की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए जाने का भी स्वागत किया।
मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने पर संजय निरुपम ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि देश की अदालतों पर भाजपा और एनडीए का नियंत्रण है और फैसलों को प्रभावित किया जाता है। सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में राहत दी है, इसलिए कांग्रेस को न्यायपालिका पर दबाव में काम करने के आरोप लगाने से बचना चाहिए।
निरुपम ने कहा कि किसी भी मामले में फैसला सबूतों और केस की स्थिति के आधार पर हो सकता है। यदि किसी का मामला मजबूत है तो वह जीत सकता है और यदि मामला कमजोर है तो हार भी सकता है। कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि हार मिलने पर अदालत को बिकाऊ बताना और जीत मिलने पर उसी अदालत की प्रशंसा करना उचित नहीं है। कांग्रेस को न्यायपालिका के प्रति अपना रवैया बदलना चाहिए।
भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पास प्रस्तावित बिजली संयंत्र का बचाव करते हुए निरुपम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पूरी दुनिया की बड़ी चिंता है, लेकिन इसके साथ विकास योजनाओं को भी आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने टोरंटो कंपनी को बिजली संयंत्र लगाने की अनुमति दी है। इस परियोजना से करीब 25 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन और लगभग आठ से दस लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। कंपनी का मूल स्थान कहीं भी हो, यदि वह महाराष्ट्र में काम करती है और राज्य के युवाओं को रोजगार देती है, तो इससे महाराष्ट्र को लाभ होगा।
निरुपम ने दावा किया कि परियोजना को पर्यावरणीय आकलन के बाद अनुमति दी गई है और संयंत्र भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के जंगलों के भीतर नहीं, बल्कि उसके बाहर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के लिए बड़ी मात्रा में जमीन की जरूरत होगी और इस दौरान कुछ पेड़ काटे जा सकते हैं। काटे जाने वाले पेड़ों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक पेड़ लगाने का प्रावधान है और कंपनी को भी ऐसा करने के निर्देश दिए गए हैं। निरुपम ने परियोजना का विरोध करने वालों पर महाराष्ट्र के विकास, बिजली उत्पादन और युवाओं के रोजगार के अवसरों में बाधा डालने का आरोप लगाया।
मनोज जरांगे पाटिल की ओर से जारी ऑडियो क्लिप की जांच को लेकर निरुपम ने कहा कि शिवसेना ने पहले ही इसकी जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जल्द जांच कराने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इस पूरे ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए और अब मुंबई पुलिस ने आगे की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। उन्होंने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि क्लिप में बातचीत करने वाले लोगों से पूछताछ होनी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें किए गए दावों और बातों में कितनी सच्चाई है।
--आईएएनएस
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