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राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन का आंदोलन सिर्फ लोगों को तकलीफ देने वाला : रामदास आठवले

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने इंडिया गठबंधन और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के पास अब केवल मार्च और रैली निकालने का ही काम बचा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है और अराजकता फैल रही है। उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन और अभिजीत दिपके के आंदोलन को गलत बताते हुए कहा कि कितना भी आंदोलन कर लें, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि 13 करोड़ वोट काटने का काम सही है।
 

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने इंडिया गठबंधन और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के पास अब केवल मार्च और रैली निकालने का ही काम बचा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है और अराजकता फैल रही है। उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन और अभिजीत दिपके के आंदोलन को गलत बताते हुए कहा कि कितना भी आंदोलन कर लें, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि 13 करोड़ वोट काटने का काम सही है।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने निशाना साधते हुए कहा, "इंडिया गठबंधन के पास अब केवल मार्च निकालने का ही काम रह गया है। उन्हें देश के लिए काम करने की आदत नहीं है। देश के विकास का काम हम कर रहे हैं, वे रैलियां निकाल रहे हैं। रैली निकाल सकते हैं, लेकिन बार-बार रैली निकालना ठीक नहीं है। भले ही कहा जाए कि रैली की योजना नहीं बनाई जाती, लेकिन योजना तो होती ही है। जब हम भी रैली निकालते थे तो योजना बनाकर ही निकालते थे। अगर एनडीए के सहयोगी दल वहां आना चाहते हैं तो आ सकते हैं, लेकिन एनडीए का कौन सा सहयोगी दल वहां जाएगा?"

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह अराजकता फैलाने और लोगों को परेशानी में डालने का काम है। पुलिस को बैरिकेड लगाने पड़ रहे हैं, सड़कें बंद करनी पड़ रही हैं, जिससे आम लोगों को दिक्कत हो रही है। राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन का यह आंदोलन सिर्फ लोगों को तकलीफ देने के लिए है।

अभिजीत दिपके को लेकर आठवले ने कहा कि यह हमारे लिए दुख की बात है। अभिजीत दिपके हमारे समाज से हैं, बौद्ध हैं, अंबेडकरवादी हैं। उनकी दादी हिंगोली में गांव में रहती थीं, उनका अचानक निधन हो गया है और वे वहां गए हैं। हमें उनके लिए दुख है।

आठवले ने अभिजीत दिपके से अपील करते हुए कहा कि बार-बार आंदोलन करना ठीक नहीं है। आपने एक दिन आंदोलन किया, दूसरे दिन आंदोलन किया, लेकिन आप कितना भी आंदोलन कर लें, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने 13 करोड़ वोट काटे हैं, वह काम सही है। जिन वोटों को काटा गया है, उसमें हमारे भी वोट हैं। अगर 'वोट चोरी' होती है, तो कांग्रेस इतने सालों तक सत्ता में कैसे रही? क्या तब 'वोट चोरी' होती थी? जब आपकी सीट चुनकर आती है, तब हम यह नहीं कहते कि हमारा 'वोट चोरी' हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अधिकार है कि वे जिसे चाहें, उसे चुनकर भेजें। इतने सालों तक कांग्रेस को बहुमत मिलता रहा, अब पीएम मोदी को बहुमत मिल रहा है, इसलिए ये लोग तड़प रहे हैं। राहुल गांधी बार-बार किसी न किसी मुद्दे पर आंदोलन करने का बहाना ढूंढते हैं, लेकिन इसका कांग्रेस पार्टी को बिल्कुल भी फायदा नहीं होने वाला है। चाहे जितना विरोध कर लें, 2029 में भी सरकार एनडीए की ही आएगी, इसका हमें पूरा विश्वास है।

राहुल गांधी के इस दावे पर कि केंद्र सरकार के 200 से ज्यादा अधिकारी उनके संपर्क में हैं, जिसमें ईडी, सीबीआई और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी लगातार उनसे बातचीत कर रहे हैं, केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले ने पलटवार किया और कहा कि अधिकारी राहुल गांधी से बातचीत नहीं कर रहे हैं, बल्कि राहुल गांधी अधिकारियों से बातचीत कर सकते हैं। विपक्ष के नेता के तौर पर, सांसद, मंत्री या मुख्यमंत्री होने के नाते अधिकारियों से काम के सिलसिले में बात करने का अधिकार है। ऐसा नहीं है कि 20 अधिकारी उनके संपर्क में हैं, बल्कि राहुल गांधी उन अधिकारियों के संपर्क में हैं। अगर वे किसी काम के लिए अधिकारियों से बात करते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लोकतंत्र में सभी को अपना-अपना काम करने का अधिकार है। अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिकारियों से बात करना हर सांसद की जिम्मेदारी होती है, इसलिए अधिकारियों को फोन करना गलत नहीं है।

वहीं, राहुल गांधी के शिव की बारात वाले बयान पर आठवले ने कहा कि अभी राहुल गांधी शिव तांडव की बात कर रहे हैं। वह जो भी बात करें, लेकिन मेरा कहना है कि यह शिव तांडव नहीं, बल्कि राहुल तांडव है।

उन्होंने कहा कि शिव तांडव का कोई विषय नहीं है, लेकिन बार-बार रैली निकालना ठीक नहीं है। लोगों को बार-बार परेशान करना बिल्कुल भी सही नहीं है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन 13 करोड़ वोट काटने का काम सही है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम