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'राहुल गांधी असल में लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं', कर्नाटक सरकार के सर्वे के बाद शहजाद पूनावाला ने निशाना साधा

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईवीएम को लेकर कर्नाटक सरकार के सर्वे के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी 'लीडर ऑफ अपोजिशन नहीं, बल्कि लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा बन गए हैं।'
 
'राहुल गांधी असल में लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा हैं', कर्नाटक सरकार के सर्वे के बाद शहजाद पूनावाला ने निशाना साधा

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ईवीएम को लेकर कर्नाटक सरकार के सर्वे के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी 'लीडर ऑफ अपोजिशन नहीं, बल्कि लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा बन गए हैं।'

कर्नाटक सरकार के हालिया सर्वे में लगभग 83 प्रतिशत नागरिकों ने ईवीएम पर भरोसा जताया है। इसके बाद भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "राहुल गांधी इन मुद्दों (ईवीएम और वोट चोरी) पर मजाक का पात्र बन गए हैं। वह चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ विदेश में भी बोलते हैं। जब चुनाव हार जाते हैं, तो वह ईवीएम पर आरोप लगाते हैं। उनकी अपनी सरकार ने ही उनके दावों की सच्चाई बताई है।"

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पूनावाला ने कहा, "कर्नाटक सरकार की ओर से प्रकाशित सर्वे में लगभग 83 प्रतिशत लोगों ने माना है कि ईवीएम ठीक से काम कर रही है और चुनाव आयोग स्वतंत्र व निष्पक्ष है।" उन्होंने पूछा कि अपनी हार का ठीकरा कब तक दूसरे के सिर पर फोड़ा जाएगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कटाक्ष करते हुए कहा कि धूल चेहरे पर थी और कांग्रेस सिर्फ आईना साफ करती रही। उन्होंने कहा, "उमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले उनका (राहुल गांधी) फैक्ट चेक कर चुके हैं। 95 चुनाव हराकर जनता ने भी राहुल गांधी को जवाब दिया। हरियाणा से महाराष्ट्र तक कांग्रेस के साथियों ने खुद बोला कि 'वोट चोरी' के कारण नहीं 'टिकट चोरी' के कारण हार मिली। अब कर्नाटक सरकार ने अपने सर्वे से राहुल गांधी के हाइड्रोजन बम को डिफ्यूज कर दिया है।"

इसी बीच, शहजाद पूनावाला ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, "भारत सरकार सीएए कानून इसी कारण लाई थी कि प्रताड़ित होने वाले दूसरे देशों के नागरिकों को शरण दी जा सके। जिन लोगों ने सीएए का विरोध किया और गाजा के लिए बैग लेकर भागते हैं, वह बांग्लादेश की घटनाओं पर आंखें बंद करके बैठ जाते हैं। इस्लामिक जिहादियों को बचाने की कोशिश करने वाले लोगों को आज माफी मांगनी चाहिए।"

--आईएएनएस

डीसीएच/