रचना यादव हत्याकांड में पुलिस की कार्यशैली पर 'आप' ने उठाए सवाल
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) नेत्री रचना यादव की दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद हत्यारे खुलेआम फरार हैं।
इस मामले को लेकर ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के लिए समय मांगा है, लेकिन अभी तक उन्हें समय नहीं दिया गया है।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी की जुझारू नेत्री रचना यादव की हत्या शालीमार बाग इलाके में उनके घर के बाहर दिनदहाड़े कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद पुलिस की कार्रवाई अब तक नाकाफी रही है।
उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील जगह पर हुई वारदात के बाद भी अगर आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं, तो यह दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
‘आप’ नेता ने जानकारी दी कि रचना यादव अपने पति की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थीं। दो साल पहले उनके पति की हत्या कर दी गई थी और उसी केस में गवाही देने से रोकने के लिए रचना यादव पर पहले भी दो बार जानलेवा हमले हो चुके थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई। अंततः हमलावर अपने मंसूबों में कामयाब हो गए और रचना यादव की भी हत्या कर दी गई।
उन्होंने कहा कि इस दोहरे हत्याकांड से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को रचना यादव की दोनों बेटियों का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को टैग करते हुए साझा किया।
वीडियो में दोनों बेटियां हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले पिता और अब मां की हत्या ने इन मासूम बच्चियों का जीवन उजाड़ दिया है, लेकिन अब तक उन्हें न्याय की कोई ठोस उम्मीद नजर नहीं आ रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रचना यादव की शोक सभा के दौरान भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचीं।
सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, यह घटना दर्शाती है कि भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस कानून-व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर है। ‘आप’ ने मांग की है कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो, दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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