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रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी पर बोले किसान, लागत के बीच बढ़े दाम से उम्मीद

हांसी, 30 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। एमएसपी में बढ़ोतरी के बाद हांसी क्षेत्र के किसानों ने इसे खेती और आमदनी के लिहाज से राहत देने वाला कदम बताया है।
 

हांसी, 30 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। एमएसपी में बढ़ोतरी के बाद हांसी क्षेत्र के किसानों ने इसे खेती और आमदनी के लिहाज से राहत देने वाला कदम बताया है।

नई दरों के मुताबिक गेहूं का एमएसपी 2,610 रुपए, जौ का 2,286 रुपए, चना का 5,958 रुपए, मसूर का 7,390 रुपए, सरसों का 6,613 रुपए और कुसुम का एमएसपी 7,215 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इन फसलों में सबसे अधिक 675 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कुसुम के एमएसपी में हुई है। इसके बाद सरसों के एमएसपी में 413 रुपए, मसूर में 390 रुपए, जौ में 136 रुपए, चने में 83 रुपए और गेहूं के एमएसपी में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

किसानों का कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी का वास्तविक फायदा तभी होगा, जब मंडियों में उनकी फसल की खरीद निर्धारित समर्थन मूल्य के आसपास या उससे बेहतर भाव पर हो। किसानों के मुताबिक खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बढ़ा हुआ एमएसपी उनकी लागत निकालने और आमदनी बढ़ाने में कितना मददगार साबित होगा, यह फसल की वास्तविक खरीद कीमत और खरीद की मात्रा पर निर्भर करेगा।

गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों के बीच यह सवाल भी है कि बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य उनकी मौजूदा आर्थिक जरूरतों के मुकाबले कितनी राहत पहुंचाएगा।

जमावड़ी के किसान मंजीत यादव ने एमएसपी में बढ़ोतरी का स्वागत करते हुए कहा कि चना और गेहूं समेत फसलों के भाव बढ़ने से किसानों को खुशहाली मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसी तरह किसानों को लगातार प्रोत्साहित करती रहे तो किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं। उचित मूल्य मिलने से किसान खुद को सम्मानित महसूस करेगा और सरकार से उम्मीद है कि एमएसपी में इसी तरह बढ़ोतरी होती रहे।

वहीं, किसान रामबिलास ने भी केंद्र सरकार के फैसले को किसानों के लिए अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चना और गेहूं के दाम बढ़ाकर अच्छा काम किया है। अगर एमएसपी में और बढ़ोतरी होती तो किसानों के लिए और बेहतर होता। बढ़े हुए दाम से किसान खुशहाल होगा।

किसान केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का भी जिक्र करते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाओं के जरिए किसानों को अलग-अलग स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी