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कुर्बानी को संवेदनशील और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जा सकता है : सलीम राज

रायपुर, 25 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर मुस्लिम समुदाय से विशेष अपील की है। उन्होंने सभी मुस्लिम भाइयों से अनुरोध किया है कि वे खुले स्थानों पर कुर्बानी न करें, ताकि बहुसंख्यक समुदाय को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
 
कुर्बानी को संवेदनशील और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जा सकता है : सलीम राज

रायपुर, 25 मई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर मुस्लिम समुदाय से विशेष अपील की है। उन्होंने सभी मुस्लिम भाइयों से अनुरोध किया है कि वे खुले स्थानों पर कुर्बानी न करें, ताकि बहुसंख्यक समुदाय को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हर समुदाय का सम्मान किया जाना चाहिए और पड़ोसियों की भावनाओं का ध्यान रखना इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप है।"

सलीम राज ने कहा, “मैं सभी मुस्लिम भाइयों से गुजारिश करता हूं कि ईद-उल-अजहा के मौके पर खुले में कुर्बानी न करें, जिससे बहुसंख्यक समुदाय को तकलीफ न हो। कुर्बानी खुले क्षेत्रों में की जाती है, जहां बहुसंख्यक लोग और शाकाहारी रहते हैं, कभी-कभी बकरे की आवाज सुनकर लोग बेहोश भी हो जाते हैं। खुले में बहते खून से भी असुविधा होती है।”

उन्होंने व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि अगर कहीं खुले स्थान पर कुर्बानी करनी ही हो तो एक गड्ढा खोदकर उसमें खून को दफन कर दें। साथ ही, कुर्बानी का वीडियो बनाने और उसे वायरल करने से बचें।

सलीम राज ने कहा कि रोड या नाली में खून न डाला जाए, बल्कि उसे ठीक से दफनाया जाए। इस्लाम किसी को तकलीफ पहुंचाने की इजाजत नहीं देता। त्योहार खुशी का होता है, इसलिए पड़ोसियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। धर्म यह कहता है और इस्लाम यह सिखाता है कि किसी को तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह अपील छत्तीसगढ़ में साम्प्रदायिक सद्भाव और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे संदेश त्योहारों को शांतिपूर्ण और समावेशी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। ईद-उल-अजहा की तैयारी में मुस्लिम समुदाय इस अपील का पालन कर बहुसंख्यक समुदाय की संवेदनाओं का सम्मान दिखा सकता है।

सलीम राज ने कहा कि कुर्बानी का महत्व बरकरार रखते हुए इसे अधिक संवेदनशील और व्यवस्थित तरीके से संपन्न किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार और स्थानीय प्रशासन भी त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने के लिए सतर्क रहने की बात कह चुका है।

--आईएएनएस

एसएके/एबीएम