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पुस्तक मेले में दिखेगी भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस व बलिदान की झलक, 10 जनवरी से होगा शुरू

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व का सबसे बड़ा पुस्तक मेला यानी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 10 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन 18 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
 
पुस्तक मेले में दिखेगी भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस व बलिदान की झलक, 10 जनवरी से होगा शुरू

नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व का सबसे बड़ा पुस्तक मेला यानी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 10 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन 18 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

यह इस पुस्तक मेले का 53वां संस्करण है। पहली बार पुस्तक मेले में सभी का प्रवेश निशुल्क रखा गया है। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का केंद्रीय आकर्षण इसका थीम पवेलियन होगा, जिसका शीर्षक है “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75”। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मानित करते हुए 1,000 वर्ग मीटर का यह खास मंडप तैयार किया गया है।

इसे 360 डिग्री के अनुभव के रूप में डिजाइन किया गया है। इस मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्य आकर्षणों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियां, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा बड़गाम 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल रहेंगे।

यह आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। एनबीटी के अनुसार नौ दिन तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल लगेंगे। यहां 600 से अधिक आयोजनों में 1000 से ज्यादा वक्ता संवाद करेंगे। वहीं 20 लाख से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की संभावना है।

मेले का उदघाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। इस मौके पर कतर और स्पेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा, “हमने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे किए हैं और अपनी सशस्त्र सेनाओं को नमन करते हुए इस बार के पुस्तक मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75” रखी गई है। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति यह श्रद्धांजलि है। पहली बार पुस्तक मेले में प्रवेश सभी के लिए निशुल्क रखा गया है, जो राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तकों और ज्ञान को सभी के लिए सुलभ बनाने के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है।”

पुस्तक मेले के विषय में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक ने कहा, "हम पुस्तकों के साथ नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। इस बार इसका स्वरूप उल्लेखनीय रूप से विशाल है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों, युवाओं, जिन्हें हम जेन जी कहते हैं, को किताबों से जोड़ने के लिए मेले में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। पुस्तक मेले के अंदर होने वाली किसी भी गतिविधि के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। हम साहित्य, संस्कृति और पुस्तकों का उत्सव मनाने के लिए सभी को आमंत्रित कर रहे हैं।"

यहां 100 से अधिक थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ग्रुप डिस्कशन, पुस्तक विमोचन, और रक्षा विशेषज्ञों, लेखकों तथा युद्ध-वीरों द्वारा व्याख्यान होंगे। इनमें जनरल वी.के. सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ, कर्नल एस.सी. त्यागी, कैप्टन (डॉ.) सुनैना सिंह, एयर मार्शल विक्रम सिंह (सेवानिवृत्त), स्क्वाड्रन लीडर राणा टी.एस. छिन्ना (सेवानिवृत्त), और एयर मार्शल नारायण मेनन (सेवानिवृत्त) सहित कई विशिष्ट व्यक्ति शामिल होंगे।

एनबीटी का कहना है कि यहां युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नायकों, देशभक्ति एवं समर्पण की कहानियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसके साथ ही, मेले में वंदे मातरम् के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान को समर्पित विशेष प्रदर्शनियां भी प्रस्तुत की जाएंगी।

नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सशक्त भागीदारी देखने को मिलेगी। कतर सम्मानित अतिथि देश एवं स्पेन फोकस देश के रूप में शामिल होगा। इनके अतिरिक्त, रूस, जापान, पोलैंड, फ्रांस, अबू धाबी, ईरान, हंगरी, चिली सहित कई अन्य देशों के प्रकाशक, लेखक भाग लेंगे।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएमटी