पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से 'पद्म श्री' पुरस्कार वापस लेने की मांग, हिंदू सेना ने लिखा अमित शाह को पत्र
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए 'हिंदू सेना' संगठन ने 'पद्म श्री' पुरस्कार वापस लेने की मांग की है। संगठन ने हामिद अंसारी पर हिंदू-विरोधी बयान देने और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के आरोप लगाए हैं।
'हिंदू सेना' संगठन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। संगठन ने बहुसंख्यक हिंदू समुदाय और दक्षिणपंथी विचारधारा को निशाना बनाने वाले हामिद अंसारी के हालिया सार्वजनिक बयानों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब करते हैं और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं।
पत्र में कहा गया, "देश के सबसे ऊंचे संवैधानिक पदों पर रहने के बावजूद पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी बार-बार ऐसे काम किए और बयान दिए हैं, जिनसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और सांस्कृतिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल उठते हैं।"
एक आधिकारिक बयान में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने हामिद अंसारी के पिछले व्यवहार और हालिया सार्वजनिक बयानों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें सम्मानित करते रहना राष्ट्रीय पुरस्कारों की गरिमा का अपमान है।
हिंदू सेना ने कहा कि 'पद्म श्री' जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार उन लोगों के लिए होते हैं जो देश के प्रति अटूट समर्पण दिखाते हैं। ये सम्मान उन लोगों के पास नहीं रहने चाहिए, जिन पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप हों।
विष्णु गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के गंभीर आरोपों और हिंदू समुदाय को बार-बार निशाना बनाए जाने को देखते हुए हामिद अंसारी ने भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक को अपने पास रखने का नैतिक अधिकार खो दिया है। हम केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह करते हैं कि वह तुरंत उनका 'पद्म श्री' सम्मान वापस ले और इन मामलों की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे।
--आईएएनएस
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