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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को जान से मारने की मिली धमकी, जांच में जुटी पुलिस

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और उनके परिवार को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में पप्पू यादव ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
 

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और उनके परिवार को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में पप्पू यादव ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

सांसद कार्यालय की ओर से नई दिल्ली के डीसीपी को भेजे गए पत्र के अनुसार, 28 जुलाई को 'पप्पूयादवडॉटओआरजी' वेबसाइट के शिकायत पोर्टल पर दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गईं। शिकायत में सांसद को गोली मारकर हत्या करने और उनके पूरे परिवार को बम से उड़ा देने की खुली धमकी दी गई है।

पत्र में कहा गया है कि धमकी भेजने वाले ने अपना नाम मुकेश मिश्रा बताया है। शिकायत में मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आधार संख्या है। साथ ही पता मधुबनी, बिहार दर्ज किया गया है।

सांसद के कार्यालय ने पत्र में लिखा कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सीधे डीसीपी स्तर पर संबोधित किया जा रहा है, ताकि त्वरित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। पत्र में अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर संबंधित थाने में तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाए और जांच की प्रगति से कार्यालय को अवगत कराया जाए।

साथ ही सांसद और उनके परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निवारक और सुरक्षात्मक कदम उठाने का भी आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि एक जनप्रतिनिधि और उनके परिजनों को इस तरह की सार्वजनिक धमकी मिलना बेहद चिंताजनक है और इससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बीते कुछ समय से बिहार और राष्ट्रीय मुद्दों पर मुखर हैं। उनके बयानों और सामाजिक कार्यों के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।

पुलिस साइबर सेल की मदद से आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल, वेबसाइट के सर्वर लॉग, शिकायत पोर्टल पर दर्ज विवरण और दिए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी