'पूरी पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने दे सकते', दिल्ली हाईकोर्ट ने पोर्नोग्राफी वाले मोबाइल ऐप्स को हटाने का दिया आदेश
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने गूगल और एप्पल से कहा कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद उन तमाम मोबाइल ऐप्स को हटाएं, जिनका इस्तेमाल पोर्नोग्राफी, वेश्यावृत्ति, ड्रग्स और दूसरे गैरकानूनी कामों के लिए हो रहा है। ये ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि हम देश की पूरी पीढ़ी को बर्बाद होते नहीं देख सकते। गूगल और एप्पल की जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे तमाम ऐप्स को हटाएं।
कोर्ट ने कहा कि इन ऐप्स की पहुंच बहुत बड़ी है और इनका असर सीधे समाज, खासतौर पर, युवाओं पर पड़ता है, इसलिए कंपनियों को पूरी सावधानी और निगरानी बरतनी होगी। ये भी सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे गैरकानूनी ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर पर अपलोड ही न हो।
उन्होंने कहा कि आईटी रूल्स, 2021 के तहत इन कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी और आपत्तिजनक कंटेंट को फैलने से रोकें।
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश रुबिका थापा नाम की महिला की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में दावा किया गया है कि गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर कई ऐसे ऐप मौजूद हैं, जो पोर्नोग्राफी, वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी, और ड्रग्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने याचिकाकर्ता की दलीलों का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अकेले दुनिया भर की हर चीज को ब्लॉक नहीं कर सकती, इसलिए गूगल और एप्पल जैसे प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
--आईएएनएस
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