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पंजाब: विधानसभा में अवैध खनन के मुद्दे पर हंगामा, हाउस कमेटी बनाने की मांग

चंडीगढ़, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा में अवैध खनन के मुद्दे पर गुरुवार को कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है। इस पूरे मामले की जांच के लिए उन्होंने सभी दलों के सदस्यों वाली हाउस कमेटी गठित करने की मांग की।
 

चंडीगढ़, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा में अवैध खनन के मुद्दे पर गुरुवार को कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, लेकिन सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है। इस पूरे मामले की जांच के लिए उन्होंने सभी दलों के सदस्यों वाली हाउस कमेटी गठित करने की मांग की।

सदन से वॉकआउट करने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस के एक विधायक ने विधानसभा में सिंचाई मंत्री के समक्ष अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। हालांकि, मंत्री ने यह कहते हुए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया कि पंजाब में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता किंतु-परंतु नहीं, बल्कि ईमानदार और स्पष्ट जवाब चाहती है। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मांग की है कि सभी राजनीतिक दलों के एक-एक सदस्य को शामिल करते हुए एक हाउस कमेटी बनाई जाए। साथ ही, सिंचाई मंत्री को निर्देश दिए जाएं कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद वह एक सप्ताह तक इस कमेटी के साथ राज्य की विभिन्न नदियों और खनन क्षेत्रों का दौरा करें।

उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहले कहा था कि पंजाब में खनन से हर वर्ष 20 हजार करोड़ रुपए की आय हो सकती है। यदि यह दावा सही था, तो पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के खजाने में लगभग 90 हजार करोड़ रुपए आने चाहिए थे, लेकिन वास्तविकता में केवल लगभग 1400 से 1500 करोड़ रुपए ही जमा हुए हैं। बाजवा ने आरोप लगाया कि शेष राशि का कोई हिसाब नहीं है और यह पैसा पंजाब के खजाने में आने के बजाय दिल्ली चला गया। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार हाउस कमेटी बनाने को तैयार हो जाए, तो कांग्रेस मौके पर जाकर पूरे मामले के सबूत दिखाने को तैयार है।

बाजवा ने कहा कि यह संयुक्त दौरा रोपड़ (रूपनगर) से शुरू होकर आनंदपुर साहिब, टांडा, मुकेरियां, पठानकोट, दीनानगर, फिरोजपुर और फाजिल्का सहित उन सभी इलाकों तक किया जा सकता है, जहां से नदियां गुजरती हैं और जहां कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों से नदियां गुजरती हैं, वहां अवैध खनन का पूरा नेटवर्क आम आदमी पार्टी सरकार के संरक्षण में चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित क्षेत्रों के मंत्री और विधायक इसमें हिस्सेदारी लेते हैं, जबकि बड़ा हिस्सा सरकार तक पहुंचता है।

बाजवा ने सिंचाई मंत्री विजय इंदर सिंगला गोयल की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि अरविंद केजरीवाल ने खनिज की बात की थी। बाजवा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि सोना मिलने की बात कही जा रही है, तो रेत को भी व्हाइट गोल्ड कहा जाता है। सरकार को वास्तव में इसी व्हाइट गोल्ड का लाभ मिल रहा है, क्योंकि जहां 20 हजार करोड़ रुपए की आय का दावा किया गया था, वहां सरकार को केवल कुछ सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने विधानसभा से वॉकआउट किया और सरकार को खुली चुनौती दी है कि यदि वह पूरी तरह पारदर्शी और ईमानदार है, तो तत्काल हाउस कमेटी गठित करे। कांग्रेस के सदस्य सिंचाई मंत्री के साथ एक सप्ताह तक सभी संबंधित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए तैयार हैं और मौके पर जाकर कथित अवैध खनन की स्थिति दिखाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए बाजवा ने आरोप लगाया कि उनसे इस मामले में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद करना कठिन है। उन्होंने कहा कि जब इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हो रही हों, तब विधानसभा अध्यक्ष से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करना मुश्किल प्रतीत होता है।

--आईएएनएस

पीएसके