पंजाब में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 पूरा, 7.97 लाख नए मतदाता जुड़े
चंडीगढ़, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में वर्ष 2026 के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने सोमवार को बताया कि राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है।
सीईओ ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान पूरे राज्य में 7,97,263 नए मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। उन्होंने पंजाब के मतदाताओं, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इस अभियान में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां और सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई हैं। मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और बीएलओ के कार्यालयों में उपलब्ध है। इसके अलावा इसे सीईओ पंजाब की वेबसाइट और वोटर पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
सीईओ के अनुसार, 9 जून 2026 तक पंजाब में कुल 2,14,61,043 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 1,11,76,866 पुरुष, 1,02,83,478 महिलाएं और 699 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे।
25 जून से 3 अगस्त 2026 के बीच चले घर-घर सर्वेक्षण अभियान के दौरान बीएलओ ने मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए और उनसे जानकारी एकत्र की।
इसके बाद 13 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 1,93,94,435 मतदाता शामिल थे। दावे और आपत्तियों की अवधि 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक चली, जिसमें नागरिकों को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा आवश्यक सुधार के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया।
निर्वाचन अधिकारियों ने राज्यभर में सुनवाई, दस्तावेज सत्यापन और शिकायत निवारण की व्यापक व्यवस्था की। मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क और 1950 हेल्पलाइन भी संचालित की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिन 35,49,036 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद 86,038 लोगों को अयोग्य घोषित किया गया।
अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 2,01,00,727 हो गई है। इनमें 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिलाएं और 506 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। यह प्रारूप सूची की तुलना में 3.64 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि दर्शाता है।
मतदाता सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया गया है। इसके तहत मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई है।
मतदाता जागरूकता के लिए एक माह तक विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत मानव शृंखला, एसएमएस अलर्ट, रेडियो जिंगल, ई-रिक्शा के जरिए प्रचार, पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद, संगोष्ठियां तथा कॉलेजों और स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित किए गए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
अनिंदिता मित्रा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से संपन्न की गई। उन्होंने उन पात्र नागरिकों से भी अपील की, जिनका नाम किसी कारणवश अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है कि वे फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन या अपने बीएलओ के माध्यम से आवेदन करें।
--आईएएनएस
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