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पंजाब में सीबीआई जांच पर सियासत तेज, भाजपा ने कहा- केंद्र ने नहीं भेजी सीबीआई, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई एफआईआर

चंडीगढ़/नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी और अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने और छापेमारी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा महासचिव तरुण चुघ और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने इस मामले में आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है और स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने पंजाब में सीबीआई नहीं भेजी है।
 

चंडीगढ़/नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी और अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने और छापेमारी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा महासचिव तरुण चुघ और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने इस मामले में आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है और स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने पंजाब में सीबीआई नहीं भेजी है।

तरुण चुघ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भगवंत मान, तथ्य स्पष्ट हैं। भारत सरकार की ओर से पंजाब में सीबीआई नहीं भेजी गई है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मामला दर्ज करने और ईडी द्वारा उसके समक्ष रखी गई सामग्री के आधार पर आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया।"

चुघ ने बताया कि जांच के तहत आरोपों में आईएएस/आईपीएस पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत निर्णय, निविदा शर्तों, लाइसेंस, सीएलयू मामले, संपत्ति विवाद और राजस्व विभाग के मामलों में कथित हस्तक्षेप शामिल हैं। उन्होंने कहा, "राजनीतिक आरोपों के बजाय जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अपना काम करने दें। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से यह भी पता चल जाएगा। पंजाब पारदर्शिता, तथ्य और जवाबदेही का हकदार है। सबूतों को बोलने दीजिए।"

वहीं, भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला। बिट्टू ने लिखा, "पंजाब भर में खुद को 'ईमानदार सीएम' बताने वाले होर्डिंग लगाने वाले भगवंत मान की असलियत आज सामने आ गई है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के सीधे आदेशों और ईडी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए, सीबीआई ने पंजाब सीएम के ओएसडी और 5 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और 8 जगहों पर एक साथ छापेमारी की है।"

बिट्टू ने आरोप लगाया कि ईमानदारी के इन होर्डिंग के पीछे बड़े पैमाने पर संस्थागत भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप छिपे थे – जैसे आईएएस/आईपीएस अधिकारियों के तबादलों की बोली लगाना, सरकारी टेंडरों में हेरफेर करना, जमीन के सीएलयू यानी लैंड यूज बदलने की मंजूरी में गड़बड़ी करना और निजी फायदे के लिए गोपनीय पॉलिसी ड्राफ्ट लीक करना।

उन्होंने आगे लिखा, "ईमानदारी सिर्फ विज्ञापनों तक ही सीमित थी, जबकि बंद दरवाजों के पीछे सत्ता का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा था। न्यायिक निगरानी में होने वाली यह निष्पक्ष जांच यह सुनिश्चित करेगी कि सच्चाई सामने आए और पंजाब की जनता के साथ धोखा करने वाले हर व्यक्ति को कानून के तहत कड़ी सजा मिले।"

पंजाब में सीबीआई की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था, जिसके जवाब में अब भाजपा नेताओं ने हाईकोर्ट के आदेश और ईडी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए तथ्य स्पष्ट किए हैं।

--आईएएनएस

एससीएच