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परगट सिंह का आरोप; पंजाब में एंटी-ड्रोन सिस्टम पर तैनात सिपाही ही निकला ड्रग तस्कर, 15 किलो हेरोइन बरामद

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान 'युद्ध नशे विरुद्ध' पर सवाल उठाते हुए पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने बड़ा आरोप लगाया है।
 

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान 'युद्ध नशे विरुद्ध' पर सवाल उठाते हुए पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने बड़ा आरोप लगाया है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके कहा कि सीमा पार से ड्रग तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम पर तैनात पंजाब पुलिस का एक सिपाही खुद ड्रग तस्करी करते पकड़ा गया है। उन्होंने इसके लिए पंजाबी ट्रिब्यून का हवाला दिया है।

परगट सिंह ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि 'युद्ध नशे विरुद्ध' के नाम पर क्या मजाक है। सीमा पार ड्रग तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम पर तैनात पंजाब पुलिस के एक सिपाही को खुद ड्रग्स की तस्करी करते पकड़ा गया है, उसके पास से 15 किलो हेरोइन बरामद हुई है।

उन्होंने आगे लिखा कि जब नशा रोकने का जिम्मा जिन लोगों पर है, वे खुद तस्करी करते पकड़े जाएं, तो पंजाब के ड्रग माफिया को मिल रहे राजनीतिक और पुलिस संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

बता दें कि पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों और हथियारों व नशे की तस्करी को रोकने के लिए 'बाज अख' नामक एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किया है। पंजाबी में 'बाज अख' का अर्थ 'ईगल आई' है।

इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में तरनतारन और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय किया गया है। सरकार ने मई महीने में इसके कई यूनिट्स को मंजूरी दी थी। यह सिस्टम 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ड्रोन्स का पता लगाने, उनकी ट्रैकिंग करने, उन्हें जाम करने और बेअसर करने की क्षमता रखता है।

इसका मुख्य काम पंजाब-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के जरिए होने वाली हथियारों और हेरोइन व नशे की तस्करी को रोकना है। पंजाब की विपक्षी पार्टियों का कहना है कि अब इसी सिस्टम पर तैनात जवान के ही तस्करी में शामिल होने की खबर ने सरकार के नशा विरोधी अभियान की पोल खोलकर रख दी है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम